Dadasaheb Phalke Award Winner: दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने पर क्या बोले अनंत नाग? 22 सितंबर को होंगे सम्मानित
Dadasaheb Phalke Award Winner: कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज एक्टर अनंत नाग साल 2024 के दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के विनर बन गए हैं. अब एक्टर ने अपनी इस जीत पर रिएक्शन दिया है.
Dadasaheb Phalke Award Winner: साउथ सिनेमा के दिग्गज एक्टर अनंत नाग इस वक्त चर्चा में बने हुए हैं. एक्टर को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने वाला है. इस बात की जानकारी केंद्र सरकार ने एक ट्वीट कर दिया है. 22 सितंबर को अनंत नाग को अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. एक्टर को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और शानदार योगदान को देखते हुए अवॉर्ड देने का ऐलान किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनंत नाग को इसकी बधाई दी है. वहीं, हर तरफ से उन्हें शुभकामनाएं भेजी जा रही हैं.
इस बीच अनंत नाग का रिएक्शन भी सामने आया गया है. एक्टर ने आईएएनएस ( IANS) से बातचीत में बताया है कि इतना बड़ा सम्मान मिलने पर उन्हें कैसा फील हो रहा है. बता दें कि, एक्टर को इससे पहले पद्मभुषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. चलिए जानते हैं कि दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जीतने पर अनंत नाग ने क्या कुछ कहा है?
दादासाहेब अवॉर्ड जीतने पर क्या बोलें अनंत नाग?
अनंत नाग ने कहा, असल में जिंदगी को लेकर मेरा नजरिया यही रहा है कि पीछे मुड़कर बिल्कुल नहीं देखना है, बस आगे बढ़ते जाना है. मैं हमेशा से ऐसा ही रहा हूं. मैंने मुंबई में कोंकणी, कन्नड़, मराठी और हिंदी थिएटर से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उस वक्त मैं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में काम करता था और मैंने एक्टिंग को करियर बनाने के बारे में कभी सोचा भी नहीं था. फिर जब मौके मिलने लगे तो मैंने सोचा कि क्यों न एक मौका लेकर देखा जाए. मैंने वो मौका लिया और इसके बाद ये सफर धीरे-धीरे मेरे लिए बेहद दिलचस्प बनता चला गया.
Bengaluru, Karnataka: Veteran actor Anant Nag has been named the recipient of the Dadasaheb Phalke Award 2024 for his contribution to Indian cinema.
He says, ”Basically my attitude to life is not looking back at all, just to go ahead, you know. That’s how I was and I had a It pic.twitter.com/QRgosoyKxY
— IANS (@ians_india) September 16, 2026
उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने एक्टिंग के इस क्षेत्र में कदम रखा. थिएटर में मिली ट्रेनिंग की वजह से मेरे लिए फिल्मों में एक्टिंग करना काफी आसान हो गया. थिएटर ने मुझे अपनी नेचुरल और सहज एक्टिंग की एक अलग शैली विकसित करने में काफी मदद की. इसे एक तरह की एक्टिंग स्टाइल भी कहा जा सकता है. दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड एक अभिनेता के लिए सबसे बड़े सम्मानों में से एक माना जाता है और मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे देश की तरफ से यह सम्मान मिला है.




