फलता में Re-Polling आज, TMC के जहांगीर आउट, बीजेपी और कांग्रेस में मुकाबला
पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार को पुनर्मतदान है. टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के नाम वापस लेने से बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. कभी टीएमसी का गढ़ रहे इस सीट पर भाजपा मजबूत बनकर उभरी है, जो अभिषेक बनर्जी के "डायमंड हार्बर मॉडल" के लिए बड़ा झटका है.
पिछले 15 सालों में ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना जिला स्थित फलता विधानसभा सीट टीएमसी का गढ़ माना जाता था. विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी की सरकार के पतन के 15 दिनों के बाद भी टीएमसी का जो किला था, वह भरभरा कर गिर गया है. चुनाव से पहले हुंकार भरने वाला टीएमसी का उम्मीदवार जहांगीर दो दिन पहले ही आउट हो गया.
गुरुवार को फलता सीट पर पुनर्मतदान है और मुकाबला बीजेपी के देबांग्शु पांडा और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला के बीच माना जा रहा है. कांग्रेस और भाजपा के अतिरिक्त इस सीट से माकपा के शंभुनाथ कुर्मी, निर्दलीय दीप हाटी और चंद्रकांत राय उम्मीदवार हैं.
चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को मतदान के दौरान धांधली के मद्देनजर फलता में चुनाव रद्द करने का ऐलान किया था. गुरुवार को इस सीट पर पुनर्मतदान होगा. मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा तथा काउंटिंग 24 मई को होगी.
हुंकार भरने वाला जहांगीर चुनाव से आउट
मंगलवार को जब तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने फलता विधानसभा उपचुनाव से नाम वापस लेने की घोषणा की,तो उस सीट पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है. अगर भाजपा की जीत होती है, तो 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें 208 तक पहुंच जाएगी.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी का डायमंड हार्बर मॉडल पिछले कुछ सालों से न सिर्फ राज्य की राजनीति में बल्कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर भी खूब चर्चा में रहा है, लेकिन विधानसभा चुूनाव में हार के बाद टीएमसी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है.
अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका
अभिषेक बनर्जी ने पिछले लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर में 7 लाख 10 हजार 930 वोटों से जीतकर रिकॉर्ड बनाया था. 2021 में वे 40 हजार वोटों से जीते, लेकिन 2024 में विधानसभा सीट पर 1 लाख 68 हजार 372 वोटों की ‘लीड’ ले ली थी. दो साल के अंदर ही अभिषेक बनर्जी के ‘करीबी समर्थक’ जहांगीर खान ने फलता में भाजपा को ‘वॉक ओवर’ दे दिया.
मंगलवार को फलता में अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहांगीर ने चुनाव से हटने का ऐलान किया. जहांगीर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा फलता के लिए घोषित स्पेशल पैकेज के आधार पर अपने इलाके में और ज्यादा डेवलपमेंट चाहते हैं और वह चुनाव मैदान से हट गये और यह अभिषेक बनर्जी लिए बड़ा सेटबैक माना जा रहा है.
भाजपा और कांग्रेस में टक्कर
तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से पहले अभिषेक बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पाया. उसके बाद, उन्होंने बिना इंतजार किए चुनाव का ‘मैदान छोड़ने’ का ऐलान कर दिया.
हालांकि, मंगलवार के फैसले के ऐलान का बैकग्राउंड पिछले एक हफ्ते से बन रहा था. तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, जब भाजपा फलता के दोबारा चुनाव पर फोकस करने के लिए पूरी ताकत से कूद रही थी, तब न सिर्फ अभिषेक बल्कि तृणमूल का कोई भी बड़ा नेता वहां नहीं दिखा. उसके बाद जहांगीर ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया.
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