US-Iran दुश्मनी ने बढ़ाई पाकिस्तान की टेंशन, सामने आया सबसे बड़ा संकट
पाकिस्तान बढ़ती महंगाई के संकट का सामना कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. इससे आम नागरिकों का रोजमर्रा का जीवन मुश्किल होता जा रहा है. सैलरीड लोग और कम आय वाले परिवारों के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है. पेट्रोल की कीमतों में काफी उछाल आया है। डीजल की कीमतें भी बढ़ गई हैं. इसका असर परिवहन और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से पाकिस्तान में एक नए महंगाई संकट का डर बढ़ रहा है. इस्लामाबाद के लोग फ्यूल की बढ़ती कीमतों, रहने-सहने के बढ़ते खर्च और आम नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं. कई लोगों ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर पाकिस्तान में रोजमर्रा की जिंदगी पर अभी से दिखने लगा है. कई लोगों ने शिकायत की कि महंगाई अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है, जिससे सैलरीड कर्मचारियों और कम इनकम वाले परिवारों के लिए अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है.
लगातार बढ़ रही महंगाई
एक व्यक्ति ने बताया कि उसे अपनी कार एक महीने से ज़्यादा समय से खड़ी रखनी पड़ी है, अब वह फ्यूल का खर्च नहीं उठा सकता. उसने यह भी कहा कि अब तो मोटरसाइकिल का खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया है. उसने कहा कि हमारी सैलरी तो उतनी ही है, लेकिन कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. अब तो गुजारा करना भी लगभग नामुमकिन होता जा रहा है. लोगों ने महंगाई में आई इस अचानक तेजी की वजह अमेरिका-ईरान टकराव और होर्मुज स्ट्रेट (जो तेल की ढुलाई का एक अहम रास्ता है) को लेकर पैदा हुए टेंशन के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स में आई रुकावटों को बताया.
पेट्रोल और डीजल की कीमत आसमान पर
लोगों के मुताबिक, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें कथित तौर पर करीब 250 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 450 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं, हालांकि बाद में इनमें थोड़ी नरमी आई और ये 400 रुपए प्रति लीटर से कुछ ऊपर बनी हुई हैं. डीजल की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे ट्रांसपोर्ट और जरूरी चीजों की कीमतों पर और ज्यादा दबाव पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि फ्यूल की कीमतें बढ़ने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया, खाने-पीने की चीजों की कीमतें और दूसरी जरूरी चीजें भी महंगी हो जाती हैं. कुछ लोगों ने तो यह भी दावा किया कि महंगाई 300 फीसदी तक बढ़ गई है, जिससे गरीब और मिडिल क्लास फैमिलीज के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है.
दुश्मनी तुरंत खत्म करने की मांग
कई लोगों ने यह तर्क दिया कि सैन्य कार्रवाई और मिसाइल हमले कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करते हैं और इस क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ाते हैं. लोगों ने इस लगातार बने हुए गतिरोध के लिए भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और शांति प्रक्रिया में बाहरी दखलंदाज़ी के आरोपों को भी ज़िम्मेदार ठहराया. दुश्मनी को तुरंत खत्म करने की मांग करते हुए, इस्लामाबाद के लोगों ने सभी पक्षों से बातचीत को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने, महंगाई पर काबू पाने और लाखों पाकिस्तानियों को और ज़्यादा मुश्किलों से बचाने के लिए शांति बेहद जरूरी है.



