2 लाख गन्ना किसानों को राहत, गुजरात सरकार ने लंबित कीमतों को दी मंजूरी, जानें कितना मिलेगा लाभ?
गुजरात सरकार के कृषि एवं सहकारिता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने चीनी सहकारी समितियों और किसानों की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का आभार व्यक्त किया. वर्तमान में राज्य की चीनी सहकारी समितियां दो लाख से अधिक गन्ना उत्पादक किसानों को सीधे भुगतान करके किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में अहम योगदान दे रही हैं.
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सहकारी क्षेत्र, विशेषकर गन्ना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है. इस निर्णय की जानकारी कृषि एवं सहकारिता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने दी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 से 2014-15 के दौरान चीनी समितियों द्वारा गन्ना किसानों को चुकाई गई कीमतों को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी है.
राज्य सरकार के इस निर्णय से गुजरात की चीनी सहकारी समितियों को लगभग 1500 करोड़ रुपए का बड़ा आर्थिक लाभ होगा, जिससे दो लाख से अधिक किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे.
1500 करोड़ का आर्थिक बोझ पैदा हो गया था
मंत्री वाघाणी ने कहा कि देश की चीनी समितियां आम तौर पर गन्ने की खेती करने वाले किसानों को भारत सरकार द्वारा तय किए गए उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के हिसाब से कीमतों का भुगतान करती हैं. गुजरात की सहकारी चीनी समितियों ने केवल चीनी ही नहीं, बल्कि मोलासिस, इथेनॉल और को-जनरेशन द्वारा बिजली उत्पादन जैसे बाय-प्रोडक्ट से प्राप्त होने वाली आय का अधिकतम लाभ भी किसानों तक पहुंचाया है. इसके परिणामस्वरूप, गुजरात के गन्ना उत्पादक किसानों को देश के अन्य राज्यों की तुलना में हमेशा अधिक कीमतें मिली हैं.
सहकारिता मंत्री ने कहा कि अतीत में आयकर विभाग ने एफआरपी से अधिक कीमतों को मुनाफा मानते हुए गुजरात की विभिन्न चीनी सहकारी समितियों को टैक्स की डिमांड नोटिस भेजी थी. वर्ष 2007-08 से 2014-15 की अवधि से संबंधित इस जटिल मुद्दे के कारण राज्य की चीनी सहकारी समितियों पर लगभग 1500 करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ पड़ने की स्थिति पैदा हो गई थी.

गन्ने की कीमतों को मान्यता देने का कानूनी प्रावधान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना करने के बाद केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के प्रयासों से वर्ष 2023 में आयकर कानून के प्रावधानों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सुधार किए गए. इन सुधारों के अनुसार आयकर के उद्देश्य के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की गई गन्ने की कीमतों को मान्यता देने का कानूनी प्रावधान किया गया.
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा किए गए इस सुधार की रोशनी में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य स्तर पर सिफारिशें करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था. इस समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात सरकार ने चीनी सहकारी समितियों द्वारा वर्ष 2007-08 से 2014-15 के दौरान किसानों को चुकाई गई गन्ने की कीमतों को आधिकारिक स्वीकृति देने का क्रांतिकारी किसान हितैषी निर्णय किया है.

सहकारी क्षेत्र का आधार होगा और भी मजबूत
गुजरात के मंत्री वाघाणी ने यह साफ किया कि राज्य सरकार सहकारी क्षेत्र और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है. वर्तमान में राज्य की चीनी सहकारी समितियां दो लाख से अधिक गन्ना उत्पादक किसानों को सीधे भुगतान करके किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में अहम योगदान दे रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय सहकारी क्षेत्र के आधार को और भी मजबूत और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा.



