‘प्रोग्राम OK’… पति के मर्डर के बाद किया था ये मैसज, कैसे पकड़ी गई कातिल पत्नी और उसका प्रेमी?
महाराष्ट्र के बीड जिले में पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी. आरोपियों ने हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए शव को बाइक के नीचे दबाकर सड़क किनारे फेंक दिया. पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई.
Beed murder case: महाराष्ट्र के बीड जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपियों ने पूरे मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तकनीकी जांच ने साजिश का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
बीड के लिंबागणेश क्षेत्र निवासी किरण सोनवणे की कुछ दिन पहले सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी. शव के ऊपर उसकी दोपहिया वाहन भी पड़ी हुई थी. शुरुआती तौर पर मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन शव की स्थिति देखकर नेकनूर पुलिस को संदेह हुआ. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
गला घोंटकर हत्या
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि किरण सोनवणे की मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी. रिपोर्ट सामने आते ही पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक की पत्नी प्रियंका सोनवणे पर गई. तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की पड़ताल में पता चला कि प्रियंका का दशरथ परदेशी नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था.
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रियंका को लगता था कि उसका पति किरण उनके रिश्ते में बाधा बन रहा है. इसी कारण उसने अपने प्रेमी दशरथ परदेशी और उसके मित्र धीरज येडे के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची. योजना के तहत घटना वाली रात तीनों ने मिलकर किरण का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी.
सड़क पर फेंकी लाश
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया और उसके ऊपर दोपहिया वाहन रख दी, ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे. हालांकि पुलिस की जांच में यह कहानी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी.
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम तकनीकी सबूत भी मिला. बताया गया कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने एक-दूसरे को फोन कर “प्रोग्राम ओके” कहकर सफलता की जानकारी दी थी. यही सुराग पुलिस के लिए मामले को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ.
वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार होकर पनवेल में छिप गए थे. पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की और जाल बिछाकर पनवेल से प्रियंका सोनवणे, दशरथ परदेशी और धीरज येडे को गिरफ्तार कर लिया. नेकनूर पुलिस ने महज पांच दिनों के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.



