डिफेंस डिप्लोमेसी: किर्गिस्तान में SCO बैठक, किर्गिज, कजाख और बेलारूस के रक्षा मंत्रियों से मिले राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने किर्गिज सैन्य संस्थान, बिश्केक और सैन्य इकाई 36806-ओश के आईटी केंद्रों में 12-12 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने की परियोजना के पूरा होने की घोषणा की. इसके बाद किर्गिज सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर की सफल स्थापना और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण भी पूरा किया गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान किर्गिज, कजाख और बेलारूसी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं. किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकामबेटोव रुस्लान मुस्तफायेविच के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.
रक्षा मंत्री ने किर्गिज पक्ष को दो BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri) आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब उपहार में दिए, जिन्हें भारत में स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता, आपदा राहत और खोज एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके.
ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण भी किया पूरा
राजनाथ सिंह ने किर्गिज सैन्य संस्थान, बिश्केक और सैन्य इकाई 36806-ओश के आईटी केंद्रों में 12-12 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने की परियोजना के पूरा होने की घोषणा की. इसके बाद किर्गिज सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर की सफल स्थापना और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण भी पूरा किया गया.
कजाकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ अपनी बैठक में रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग विविध क्षेत्रों को शामिल करता है और यह द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.
किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव से शिष्टाचार भेंट
बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर खेनिन के साथ बैठक के दौरान, राजनाथ सिंह ने इस बात पर बल दिया कि भारत बेलारूस के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी विकसित करने को उच्च प्राथमिकता देता है और क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में से एक बताया. इसके अलावा, राजनाथ सिंह और अन्य रक्षा मंत्रियों ने किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव से शिष्टाचार भेंट की और बिश्केक के विजय चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की.
बिश्केक में चीन, रूस के समकक्षों से मुलाकात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिश्केक में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से भी मुलाकात की और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के संबंध में चर्चा की. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के इतर यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं.
चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से बातचीत
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से बातचीत कर खुशी हुई. इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि राजनाथ सिंह और डोंग के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई.
पता चला है कि राजनाथ सिंह और डोंग ने एलएसी पर समग्र स्थिति के संबंध में चर्चा की, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी जोर दिया गया. फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि वार्ता में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई या नहीं. यह बैठक भारत और चीन के संबंधों को सुधारने के प्रयासों के बीच हुई है.
गलवान घाटी में हिंसक क्षड़पों से बढ़ा तनाव
पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं. जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था. राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की वार्ताओं के बाद, दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ गतिरोध वाले कई बिंदुओं से अपने-अपने सैनिकों को वापस बुला लिया.
रूस के रक्षा मंत्री बेलोसोव से मुलाकात
रक्षा मंत्री ने रूस के अपने समकक्ष आंद्रेई बेलोसोव से भी मुलाकात की. राजनाथ सिंह ने कहा कि बिश्केक में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के साथ बातचीत अच्छी रही. पता चला है कि राजनाथ सिंह और बेलोसोव ने रूस द्वारा भारत को एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति सहित विभिन्न रक्षा खरीद परियोजनाओं पर चर्चा की.
पांच अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ पांच अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत पांच मिसाइल प्रणाली इकाइयों की खरीद की जानी थी, और इनमें से तीन इकाइयां पहले ही भारत को सौंप दी गई हैं. चौथी इकाई के अगले कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है, जबकि पांचवीं इकाई नवंबर में भेजे जाने की संभावना है.
पिछले महीने, भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली की नयी खेप के तहत पांच और प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी. राजनाथ सिंह ने एससीओ बैठक के इतर बेलारूस के अपने समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर खेनिन से भी मुलाकात की.
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को करेंगे मजबूत
राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई हमारी बातचीत दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही. राजनाथ सिंह एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे थे.




