मेज पर शांति, समंदर में क्रांति… US राष्ट्रपति ने क्यों कहा 3 दिन बचे हैं? ईरान बोला- असली ट्रंप कार्ड हमारे पास
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पहले होर्मुज से नाकाबंदी हटाए. इसके बाद ही कोई बात होगी. ईरान की इस धमकी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भड़के हुए हैं. उन्होंने कहा, "ईरान के पास डील करने के लिए के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा है."
ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और बातचीत को लेकर कई नए बड़े अपडेट आ रहे हैं. दूसरे राउंड की वार्ता का रास्ता बंद होने के बाद दोनों तरफ से नई धमकियों का आगाज हो चुका है. इन धमकियों से खाड़ी देशों में महायुद्ध शुरू होने का डर फिर से बढ़ता जा रहा है. अरब वर्ल्ड की मुसीबत ये भी है कि बात सिर्फ धमकियों तक सीमित नहीं है. बल्कि अमेरिका और ईरान नए युद्ध के लिए सैन्य तैयारी भी जबरदस्त कर रहे हैं. जिसके बाद ‘कुछ बड़ा और बारूदी’ होने का खौफ है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पहले होर्मुज से नाकाबंदी हटाए. इसके बाद ही कोई बात होगी.
ईरान की इस धमकी के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भड़के हुए हैं. उन्होंने कहा कि “ईरान के पास डील करने के लिए के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा है. ईरान अगर अपनी बर्बादी से बचना चाहता है तो 3 दिन में डील कर ले. इसके पीछे उन्होंने जो तर्क दिया उसे भी जान लीजिए.” ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह कारगर है. जिसकी वजह से ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है. ईरानी कच्चे तेल को जहाजों और स्टोरेज टैकों तक ले जाने का रास्ता बंद है. इस वजह से तेल सप्लाई करने वाली पाइपलाइन पर दबाव है. अगर ये जारी रहा तो इन तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा.
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब
ट्रंप का दावा है कि ये ईरान के लिए एक बड़ा झटका होगा. क्योंकि ईरान फिर कभी इन पाइपलाइन्स को ठीक नहीं कर पाएगा. ट्रंप ने जिस आक्रामकता के साथ ये धमकी दी है कि उसी अंदाज में ईरान ने भी जवाब दिया है. ईरानी संसद के स्पीकर कलीबाफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट की. जिसमें उन्होंने संकेतों में वो सारे कोड्स और कार्ड बताएं हैं, जो ईरान अभी चल सकता है. साथ ही दावा किया कि ट्रंप अपने सभी कार्ड चल चुके हैं. उनके पास कुछ नहीं बचा. कलीबाफ ने दावा किया कि अभी होर्मुज स्ट्रेट वाला दांव आधा ही चला है. क्योंकि कुछ जहाज ईरान को टोल देकर गुजर रहे हैं. एक तरह से ये होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी है.
क्या है बाब अल मंदेब वाले कार्ड?
वहीं, इसके अलावा ईरान ने बाब अल मंदेब वाले कार्ड का डर दिखाया. इसके जरिए ईरान, यूरोप और अमेरिका में तेल संकट वाली तबाही ला सकता है. दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन को अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का कार्ड खेल चुके हैं. साथ ही संकेतों में कलीबाफ ने तेल पाइपलाइन वाले कार्ड का भी जिक्र किया. जिसे अरब देशों की उन तेल पाइपलाइन्स से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन पर ईरान ने युद्ध के दौरान हमला नहीं किया. कालिबाफ का दावा है कि अगर ईरान ने अपने सभी पत्ते खोल दिए तो दुनिया में तबाही आ सकती है. और ऐसे हालात में राष्ट्रपति ट्रंप कुछ नहीं कर पाएंगे.
नाकेबंदी कारगर, ईरान ने कहा, सरेंडर नहीं करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि होर्मुज नाकाबंदी कारगर है. जिससे ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह से बंद है. जबकि ईरान का दावा है कि वो नाकाबंदी के बीच भी तेल का निर्यात कर रहा है. और अमेरिकी नाकाबंदी के आगे सरेंडर नहीं करेगा. अमेरिकी मीडिया में की एक रिपोर्ट में ट्रंप कहते हैं, ‘जब आपके सिस्टम में बहुत बड़ी मात्रा में तेल लगातार बह रहा होता है और किसी वजह से उस लाइन को बंद करना पड़ जाए. क्योंकि आप उसे कंटेनरों या जहाजों में भरकर आगे नहीं भेज पा रहे. जैसा कि उनके साथ हो रहा है क्योंकि नाकाबंदी के कारण उनके पास जहाज नहीं जा रहे हैं.’
ट्रंप कहते हैं, ‘ऐसी स्थिति में वो लाइन अंदर से दबाव के कारण फट सकती है. ईरान के पास ऐसा होने से पहले सिर्फ लगभग 3 दिन बचे हैं. अगर ये फट जाती है तो फिर उसे दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन हो जाता है. जब आखिरी छोर पर यह सिस्टम जाम हो जाता है यानि जब आपके पास तेल को स्टोर करने या जहाजों में भरने की जगह नहीं बचती तो आपको दबाव बढ़ाना पड़ता है. उनके स्टोरेज टैंक भी लगभग भर चुके हैं. ऐसी स्थिति में बहुत बुरा नतीजा हो सकता है. इसलिए मेरा मानना है कि वो अभी काफी दबाव में हैं.’
अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का कोई इरादा नहीं
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी का कहना है कि अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है. खासकर परमाणु मुद्दे पर बातचीत की कोई योजना नहीं है. हमारी रेड लाइन हमेशा ये रही है कि यूरेनियम संवर्धन को एक वास्तविकता के रूप में स्वीकार किया जाए. क्योंकि हम मानते हैं कि संवर्धन हमारा अधिकार है जैसा कि हमारे शहीद इमाम ने भी कहा था. इस बीच ईरान और अमेरिकी की बातचीत को लेकर भी नया अपडेट आया है. जिसके मुताबिक ईरान की तरफ से बातचीत का तीन चरण वाला प्रस्ताव दिया गया है.
ईरान के तीन प्रस्तावों पर अमेरिका का जवाब
ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से US नाकाबंदी खत्म हो. सीजफायर की अवधि और बढ़ाई जाए और तीसरा प्रस्ताव ये है कि परमाणु कार्यक्रम पर बाद में चर्चा होगी. हांलाकि अमेरिका अभी इसके लिए तैयार नहीं दिख रहा है. अमेरिका का कहना है कि परमाणु प्रोग्राम रोकने की गारंटी नहीं तो डील नहीं होगी. इस मुद्दे को लेकर नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ ट्रंप बातचीत करेंगे. जिसके बाद सिचुएशन रूम में बैठक में ट्रंप फाइनल फैसला करेंगे.



