तो इस वजह से ऑस्कर 2027 में नहीं जा पाई रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’
Oscar 2027: ऑस्कर 2027 के लिए मराठी फिल्म गोंधळ को चुना गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रणवीर सिंह की फिल्म धुंरधंर को क्यों नहीं चुना गया? चलिए जानते हैं इसकी वजह.
Oscar 2027: मराठी फिल्म गोंधळ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए चुनी गई है. ऑस्कर 2027 में पहुंचने के बाद हर तरफ फिल्म की चर्चा है. एक तरफ जहां सभी गोंधळ को लेकर खुशी जता रहे हैं और पूरी टीम को बधाई दे रहे है. वहीं, कई लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि आखिर रणवीर सिंह की बॉक्स ऑफिस पर सफल रही फिल्म धुरंधर को पीछे छोड़कर गोंधळ का चयन कैसे हुआ. अब फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की ज्यूरी के सदस्य विवेक वासवानी ने बताया है कि आखिर धुरंधर को भारत की ऑस्कर एंट्री क्यों नहीं चुना गया।
एनडीटीवीसे बातचीत में विवेक वासवानी से पूछा गया कि अंतिम फैसला लेते समय धुरंधर ज्यूरी की पसंद में कहां खड़ी थी. इस पर उन्होंने बताया, कुछ लोगों को फिल्म पसंद आई थी, लेकिन हमें नहीं लगा कि यह ऑस्कर के लिए सही फिल्म है.
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धुरंधर को कितने वोट मिले थे?
विवेक ने यह भी बताया कि ज्यूरी जिस तरह से भारतीय संस्कृति को फिल्म के जरिए दिखाना चाहती थी, उस कसौटी पर धुरंधर खरी नहीं उतर पाई. जब उनसे पूछा गया कि 14 सदस्यों वाली ज्यूरी में से कितने लोगों ने धुरंधर के पक्ष में वोट किया था, तो उन्होंने जवाब दिया, चार.
कैसे चुनी गई गोंधळ?
रिपोर्ट के मुताबिक, गोंधळ ने कुल 33 फिल्मों के बीच से जगह बनाई. इस लिस्ट में 14 हिंदी, चार मराठी, चार तेलुगु, तीन गुजराती, तीन तमिल, एक मलयालम, एक नेपाली और नागालैंड की एक फिल्म शामिल थी.ज्यूरी के अंतिम तीन ऑप्शन में गोंधळ, अंग और मैं वापस आएगा शामिल थीं. आखिरकार मराठी फिल्म गोंधळ को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजने का फैसला किया गया.
धुरंधर के बारे में
रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर फ्रेंचाइजी का निर्देशन आदित्य धर ने किया है. इसकी पहली फिल्म दिसंबर 2025 में रिलीज हुई थी, जबकि धुरंधर: द रिवेंज मार्च 2026 में सिनेमाघरों में आई. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और पूरी फ्रेंचाइजी ने दुनियाभर में करीब 3,000 करोड़ रुपये की कमाई की थी.
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