डायरेक्टर्स जिन्होंने अभिनय की दुनिया में आजमाया हाथ, किसकी फिल्मों को कैसा रिस्पॉन्स मिला?

डायरेक्टर्स जिन्होंने अभिनय की दुनिया में आजमाया हाथ, किसकी फिल्मों को कैसा रिस्पॉन्स मिला?

कई सारे स्टार्स ऐसे रहे हैं जिन्होंने फिल्म डायरेक्शन से एक्टर बनने तक का सफर तय किया है. अनुराग कश्यप का नाम इसमें शामिल है. अब कुली के डायरेक्टर लोकेश कनगराज के अभिनय की भी तारीफ हो रही है.

फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक मल्टीटैलेंटेड कलाकार हैं. इन कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के बल पर खूब नाम कमाया है. वहीं कुछ कलाकार तो ऐसे भी हैं जो बहुमुखी प्रतिभा के धनि हैं. किसी ने अपना करियर एक्टिंग से शुरू किया और बाद में डायरेक्शन करने लग गए. तो कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने एक्टिंग के साथ सिंगिंग या डायलॉग राइटिंग भी की. हाल ही में डीसी फिल्म रिलीज हुई. इस साउथ फिल्म में रजनीकांत की कुली के डायरेक्टर लोकेश कनगराज लीड रोल में नजर आए हैं.

ये बात सुनने में भले ही हैरान करने वाली लग रही हो लेकिन बड़े-बड़े स्टार्स को अपने कैमरे में कैद करने वाले लोकेश कनगराज खुद कैमरे में कैद हुए हैं. उनकी एक्टिंग को पसंद किया जा रहा है. आइए जानते हैं उन 5 कलाकारों के बारे में जिन्होंने निर्देशक से अभिनेता बनने तक का सफर तय किया है.

फरहान अख्तर

फरहान अख्तर ने साल 2001 में दिल चाहता है फिल्म का निर्देशन किया था. इस फिल्म से उन्होंने सिनेमा जगत में डेब्यू किया था. फिल्म में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना लीड रोल में थे. बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ठीक-ठाक कलेक्शन करने में सफल रही थी. लेकिन बाद में जब ये टीवी पर आई तो इसे अपार सफलता मिली. लेकिन फरहान ने अपने डायरेक्शनल डेब्यू के 7 साल बाद ही साल 2008 में रॉक ऑन फिल्म से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था. उन्हें डायरेक्शन की तरह ही अभिनय में भी सफलता मिली थी.

अनुराग कश्यप

अनुराग कश्यप की बात करें तो उन्होंने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं और समाजिक मुद्दों से लेकर समाज के उस काले सच को भी उजागर किया है जिसपर लोग बात करने से हिचकिचाते हैं. उन्होंने सिनेमा को अपने नजरिए से और रियल बनाने का प्रयास किया. उन्होंने 2003 में पांच फिल्म से अपना डायरेक्शनल डेब्यू किया था. लेकिन 1998 में सत्या फिल्म से उन्होंने एक स्क्रीनराइटर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी.

इसके बाद उन्हें ब्लैक फ्राइडे, नो स्मोकिंग, देव डी, गुलाल, गैंग्स ऑफ वासेपुर और रमन राघव 2.0 जैसी फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है. उनकी फिल्मों की सराहना इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में भी की जाती है. लेकिन अनुराग को अभिनय का भी शौक रहा है. उन्होंने साल 2000 में गैंग फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे देव डी, गुलाल, शागिर्द, भूतनाथ रिटर्न्स, हैपी न्यू ईयर, लियो, महाराजा, बैड कॉप और डकैत जैसी फिल्मों के जरिए अपने अभिनय से इंप्रेस करते नजर आए हैं. अब लोग उन्हें एक अभिनेता के तौर पर भी सीरियसली लेने लग गए हैं.

महेश मांजरेकर

फिल्मों में महेश मांजरेकर को आपने अभिनय करते तो देखा ही होगा. कई फिल्मों में वे विलेन के रोल में फैंस को इंप्रेस करते नजर आ चुके हैं. लेकिन बहुत कम लोग ये जानते होंगे कि उन्होंने एक डायरेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. उन्होंने साल 1999 में वास्तव फिल्म से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में संजय दत्त का लीड रोल था और फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. वहीं इसके बाद महेश मांजरेकर ने कई फिल्मों में एक्टिंग में भी हाथ आजमाया. एक एक्टर के तौर पर उनकी डेब्यू फिल्म एहसास थी जो साल 2001 में आई थी. दोनों ही फॉर्मेट में उनका काम कमाल का है.

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फराह खान

कोरियोग्राफर फराह खान को यूं तो एक डांस टीचर के तौर पर बॉलीवुड में जाना जाता है. लेकिन उन्होंने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया है. वहीं वे अभिनय में भी ट्राए कर चुकी हैं. फराह खान के करियर की ओर रुख करें तो उन्होंने 1992 में आमिर खान की फिल्म जो जीता वही सिकंदर से अपने कोरियोग्राफी करियर की शुरुआत की थी. वहीं एक डायेक्टर के रोल में उनकी पहली फिल्म मैं हूं ना थी जो साल 2004 में आई थी. हालांकि वे वक्त-वक्त पर कैमियो रोल्स में नजर आई हैं लेकिन उन्होंने शिरिन फरहाद की निकल पड़ी फिल्म से फुल फ्लेज्ड एक्ट्रेस के तौर पर अपना डेब्यू किया था. इसमें उनके अपोजिट बोमन ईरानी नजर आए थे. हालांकि जैसा रिस्पॉन्स एक्ट्रेस को डायरेक्शन और कोरियोग्राफी में मिला था वैसा एक्टिंग में नहीं मिला और खुद फराह ने भी भविष्य में अपनी एक्टिंग को इतना सीरियसली नहीं लिया.

पुनीत उपाध्याय
पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में पूरे कर चुका हूं 4 साल. सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक, कभी खोजी पत्रकार, कभी मौजी पत्रकार.

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