Box Office Failure: यश की टॉक्सिक ही नहीं, बड़े बजट की वो 5 फिल्में जिनका बॉक्स ऑफिस पर निकला दम

Box Office Failure: यश की टॉक्सिक ही नहीं, बड़े बजट की वो 5 फिल्में जिनका बॉक्स ऑफिस पर निकला दम

कई सारी ऐसी फिल्में हैं जो कम बजट में बड़ा कमाल करती हैं. वहीं कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जो बड़े बजट की होने के बाद भी फ्लॉप हो जाती हैं. टॉक्सिक के अलावा आइए जानते हैं ऐसी ही 5 फिल्मों के बारे में.

Box Office Record: फिल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस का खेल निराला है. ये किसी भी फिल्म के लिए एक परीक्षा की तरह होता है. कई फिल्में सिनेमाघरों में ऐसी होती हैं जो कम बजट में बनती हैं. इन फिल्मों का प्रमोशन भी ढंग से नहीं किया जाता है. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इनका धमाका देखने को मिलता है. उन्हीं में से एक फिल्म हनुमान अंश को कहा जा सकता है. ये फिल्म 2 करोड़ रुपये के बेहद मामुली बजट में बनकर तैयार हुई थी. लेकिन इस बजट के मुकाबले फिल्म ने करीब 250 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है और अभी भी इसकी शानदार कमाई जारी है.

वहीं इस साल की सबसे बड़े बजट की फिल्म मानी जा रही टॉक्सिक के साथ इसका उल्टा देखने को मिला था. इस फिल्म का बजट 500 करोड़ से 600 करोड़ रुपये के बीच माना जा रहा है. इसके मुकाबले फिल्म 340 करोड़ कमा चुकी है. वहीं अब इसकी ज्यादा कमाई के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं. मतलब कि फिल्म फ्लॉप की ओर तेजी से बढ़ रही है. आइये इस मौके पर जानते हैं उन 5 फिल्मों के बारे में जिनका बजट हाई-फाई था लेकिन उनका कलेक्शन अच्छा नहीं रहा.

आदिपुरुष- 600 करोड़ बजट- 392 करोड़

आदिपुरुष फिल्म को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी डिजास्टर माना जाता है. फिल्म का बजट 600 करोड़ रुपये का था. इतने बड़े बजट की फिल्म के लिए इसे पार करना इतना भी मुश्किल नहीं था क्योंकि ये फिल्म रामायण पर बनी थी. लेकिन यही दांव फिल्म पर उल्टा पड़ गया. लोगों को फिल्म के डायलॉग्स और इसकी मेकिंग रास नहीं आई. इसे लेकर भारी बवाल तो हुआ ही साथ ही फिल्म 400 करोड़ की कमाई भी नहीं कर सकी.

बड़े मियां छोटे मियां- 350 करोड़ बजट- 102 करोड़

बड़े मियां छेटे मियां फिल्म की बात करें तो ये एक्शन ड्रामा फिल्म भी 350 करोड़ के भारी-भरकम बजट में बनकर तैयार हुई थी. फिल्म में अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और पृथ्वीराज सुकुमार जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे. लेकिन ये एक्शन-ड्रामा फिल्म फैंस को कुछ खास रास नहीं आई और महज 102 करोड़ रुपये की कमाई ही कर सकी थी.

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कंगुआ- 350 करोड़ बजट- 106 करोड़ कलेक्शन

कंगुआ फिल्म की बात करें तो ये साउथ की ही नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे फ्लॉप फिल्मों में से एक मानी जाती है. इस फिल्म का बजट हाई-फाई था. 350 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने निम्न कमाई की थी और महज 106 करोड़ रुपये की कमाई की थी. ये फिल्म भी डिजास्टर साबित हुई थी.

द राजा साब- 450 करोड़ बजट- 208 करोड़ कलेक्शन

द राजा साब फिल्म की बात करें तो इस फिल्म का बजट 450 करोड़ रुपये का माना जा रहा है. ये 2026 में ही आई थी. लेकिन फिल्म इस बजट को जस्टिफाई नहीं कर सकी. वैसे तो 1000 करोड़ तक कमा सकने वाले प्रभास इस फिल्म के जरिए फैंस को इंप्रेस नहीं कर पाए थे. इसका कलेक्शन 208 करोड़ रुपये का रहा था.

मैदान- 235 करोड़ बजट- 68 करोड़ कलेक्शन

अजय देवगन की फिल्म मैदान को भी इस लिस्ट में जगह मिली है. लेकिन ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण भी है. क्योंकि फिल्म की तारीफ की गई थी. लेकिन मेकर्स शायद इसे ठीक तरह से प्रमोट नहीं कर पाए या फिल्म एफेक्टिव तरीके से लोगों तक पहुंच नहीं सकी. क्रिटिक्स द्वारा तारीफों के बाद भी मैदान ने रिपोर्ट्स के मुताबिक 235 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले मात्र 68 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. ये कलेक्शन बहुत कम माना जाएगा.

पुनीत उपाध्याय
पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में 7 साल पूरे कर चुके पुनीत उपाध्याय रायबरेली से ताल्लुक रखते हैं. वे टीवी 9 के डिजिटल विंग में साल 2022 से सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. कला, संगीत, सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक रखते हैं. साथ ही इससे जुड़ी हर छोटी, बड़ी और रोचक खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं. इसके अलावा वे अन्य बीट्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पुनीत मानते हैं कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उससे इतर अंतरमन से जुड़ने और समाज से रूबरू होने का एक सार्थक जरिया भी है. CSJM कानपुर युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद पुनीत ने ITMI (इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट) से मास कॉम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा का कोर्स किया है. पुनीत की पहली जॉब आज तक में थी जहां उन्होंने 4 साल सब एडिटर की पोस्ट पर काम किया और मनोरंजन बीट के लिए अपनी सेवाएं दीं. पुनीत की रुचि लिखने में है और वे कलम की धार से समाज में बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं. इसके अलावा उनकी रुचि आध्यात्म, साहित्य, गायन, दर्शन, क्रिकेट और मनोविज्ञान में है.

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