परमाणु हथियारों का हवाला देकर अमेरिका से रिश्ते बचा रहा पाकिस्तान, पानी पर भारत को दी गीदड़भभकी
पाकिस्तान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो के परमाणु हथियारों वाले बयान को खारिज कर US के साथ व्यापार-आधारित संबंध बताए. साथ ही, सिंधु जल संधि पर अपने हिस्से के पानी के मोड़ को "खतरनाक" बताया.
पाकिस्तान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को व्यापार और निवेश पर आधारित मजबूत साझेदारी बताया है. वहीं, सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने फिर वही पुराना घिसापिटा राग अलापा. पाकिस्तान ने अपने हिस्से के पानी को डायवर्ट करने का विरोध किया है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने तर्क दिया कि वह अपने हिस्से के पानी को कहीं और मोड़ने की अनुमति नहीं देगा. साथ ही, पाकिस्तान ने कहा है, “पानी का हथियार के रूप में इस्तेमाल” एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय मिसाल कायम करता है.
परमाणु हथियारों के नाम पर पाकिस्तान की दलील
मार्क रुबियो के उस बयान पर पाकिस्तान ने संज्ञान लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार होने की वजह से अमेरिका को उसके साथ रिश्ते बनाए रखने पड़ते हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर सफाई देते हुए दोनों देशों के संबंधों को व्यापार और निवेश से जुड़ा बताया. भारत के नजरिए से देखें तो पाकिस्तान की परमाणु क्षमता लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा रही है.
सिंधु जल संधि पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान का बयान
पानी के मुद्दे पर पाकिस्तान ने कहा कि वह अपने हिस्से के पानी को किसी अन्य दिशा में मोड़ने की अनुमति नहीं देगा. इस्लामाबाद ने ये भी तर्क दिया कि पानी को हथियार बनाने की मिसाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरनाक साबित हो सकती है. जबकि भारत के लिए यह मुद्दा रणनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है.
भारत ने सीमा पार आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में लगातार सख्त रुख अपनाया है. वहीं, सिंधु जल को लेकर भारत का सख्त और स्पष्ट रवैया रहा है. भारत ने कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. भारत के लिए यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभु अधिकारों से गहराई से जुड़ा हुआ है.




