सिर्फ आईफोन बनाने तक सीमित नहीं रहा Apple, अब भारत में इस काम से कमाए 650 करोड़ रुपये!

सिर्फ आईफोन बनाने तक सीमित नहीं रहा Apple, अब भारत में इस काम से कमाए 650 करोड़ रुपये!

मेरिकी टेक कंपनी Apple ने भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से कमाई शुरू कर दी है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की नई भारतीय यूनिट ने इस काम से 650 करोड़ रुपये का शानदार रेवेन्यू हासिल किया है.

Apple Operations India: अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी Apple के लिए भारत अब सिर्फ सामान बनाने वाला देश नहीं रहा है. कंपनी ने भारत में अपने काम का दायरा काफी बड़ा कर लिया है. Apple ने अब देश में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से भी कमाई दर्ज करना शुरू कर दिया है. वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी ने सिर्फ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के जरिए 650 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट किया है. ये कमाई कंपनी की हाल ही में बनी सब्सिडियरी ‘Apple ऑपरेशंस इंडिया’ के जरिए हुई है. इस कदम से साफ है कि Apple अब भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी रिसर्च, डेवलपमेंट के साथ ग्लोबल सपोर्ट ऑपरेशंस में भी अपने पैर जमा रहा है.

नई यूनिट ने बदली कमाई की पूरी तस्वीर

Apple इंक की सीधी सब्सिडियरी ‘Apple ऑपरेशंस इंडिया’ ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में अपना कमर्शियल कामकाज शुरू किया था. ये नई कंपनी Apple ग्रुप की दूसरी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट, सामान खरीदने में मदद (प्रोक्योरमेंट असिस्टेंस) के अलावा ग्लोबल सपोर्ट सर्विसेज भी देती है. रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास जमा किए गए ताजा दस्तावेजों से पता चलता है कि कंपनी का काम तेजी से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2026 में मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट से मिलने वाला रेवेन्यू करीब दोगुना होकर 520 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2025 में ये आंकड़ा 282 करोड़ रुपये था.

मुनाफे में आया चार गुना का बड़ा उछाल

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की फाइलिंग के मुताबिक, इन तमाम कामों से Apple ऑपरेशंस इंडिया का कुल रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 में 1,400 करोड़ रुपये के पार निकल गया. पिछले वित्त वर्ष (FY25) में कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 318 करोड़ रुपये थी. कमाई के साथ-साथ कंपनी के मुनाफे में भी जबरदस्त तेजी आई है. एक साल के अंदर कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब चार गुना बढ़कर 103 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल महज 28 करोड़ रुपये था. बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म AltInfo के फाउंडर मोहित यादव ने इस ग्रोथ पर अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि Apple ऑपरेशंस इंडिया के रेवेन्यू में हुई ये बढ़ोतरी सिर्फ सामान्य विस्तार या मैन्युफैक्चरिंग नहीं है, बल्कि ये भारत में Apple के कामकाज के एक बड़े बदलाव को दिखाती है.

ग्लोबल इंजीनियरिंग हब बनने की तरफ कंपनी

वित्त वर्ष 2025 में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के साथ प्रोजेक्ट-मैनेजमेंट सर्विसेज से कंपनी की कमाई जीरो थी. लेकिन वित्त वर्ष 2026 में ये दोनों सेगमेंट पैसा कमाने वाले मुख्य काम बनकर उभरे हैं. मोहित के मुताबिक, ये बदलाव बताता है कि Apple के ग्लोबल इकोसिस्टम में अब भारतीय ऑपरेशन की भूमिका काफी बड़ी हो रही है. इन लेनदेन से संकेत मिलता है कि Apple अपनी इस भारतीय यूनिट को एक बड़े ग्लोबल इंजीनियरिंग के साथ सपोर्ट हब के तौर पर तैयार कर रहा है. फाइलिंग के आंकड़े बताते हैं कि Apple ऑपरेशंस इंडिया का करीब 97 फीसदी बिजनेस Apple के ग्लोबल ऑपरेशंस के लिए किया गया. इसमें Apple ऑपरेशंस इंटरनेशनल के अलावा Apple इंक शामिल हैं. कंपनी के बताए गए मुख्य कामों में ग्रुप कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट, ग्लोबल सपोर्ट सर्विसेज, प्रोक्योरमेंट सपोर्ट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के साथ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट शामिल हैं.

विभव शुक्ला
विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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