CEC ज्ञानेश के विरोध में विपक्ष की बड़ी तैयारी, अगले 3 दिन होंगे भारी, दिल्ली में आज होगा ‘जन महाभियोग’
'जन महाभियोग' के ठीक 2 दिन बाद एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है. राहुल ने वीडियो मैसेज के जरिए भी ये संदेश दे दिया है कि इस बार तैयारी कितनी बड़ी है.
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी पारा हाई होने जा रहा है. विपक्ष लंबे समय से चुनाव को लेकर सरकार से लगातार नुकीले सवाल कर रहा है. वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. सरकार से संविधान और लोकतंत्र बचाने की अपील की जा रही है. विपक्ष के निशाने पर चुनाव आयोग भी है. इंडिया गठबंधन एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को नई धार देने जा रहा है. विपक्ष ने दिवाली से पहले अगले 3 दिन के लिए 2 बड़ी तैयारी की है.
विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आज शुक्रवार को संकेतात्मक विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं. इसकी तैयारियां भी हो चुकी है. इंडिया गठबंधन के सांसद शुक्रवार को मल्लिकार्जुन खरगे के घर एकत्र होंगे और ज्ञानेश कुमार कि खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम की प्रक्रिया में शामिल होंगे.
‘जन महाभियोग’ के बाद महारैली की तैयारी
इस ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम के ठीक 2 दिन बाद एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है. राहुल गांधी ने कल वीडियो मैसेज के जरिए भी ये संदेश दे दिया है कि इस बार तैयारी कितनी बड़ी है.
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को होने वाले जन महाभियोग’ वाले प्रदर्शन की पूरी टाइमलाइन पर नजर डालते हैं. आज दोपहर साढ़े तीन बजे ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम की शुरुआत होगी. दिल्ली स्थित 10 राजाजी मार्ग में खरगे के आवास पर सभी नेता जुटेंगे. ‘जन महाभियोग’ के संचालन का जिम्मा पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को दी गई है.
खरगे करेंगे शुरुआत, अंत करेंगे राहुल गांधी
‘जन महाभियोग’ की शुरुआत मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे. जबकि इसका समापन राहुल गांधी करेंगे. कहा जा रहा है कि इसमें CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक महाभियोग पर चर्चा होगी. कुछ वैसे लोगों को भी बोलने का मौका दिया जाएगा, जिनके वोट SIR की वजह से कट गए हैं.
इस कार्यक्रम में विपक्ष के सांसद, कानूनी विशेषज्ञ, वकीलों और SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले कई लोग शामिल होंगे. वो ‘जन महाभियोग’ में अपनी बात रखेंगे. SIR जैसे गंभीर मसलों पर अपनी राय रखेंगे. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य मुद्दा SIR को ही बनाया जाएगा.
जहां तक संसद की बात है तो वहां पर विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है और वहां पर अभी तक प्रस्ताव कुछ स्वीकार भी नहीं किया गया है, तो ऐसे में एक बड़े पैमाने पर संदेश देने के लिए यह कवायद की जा रही है. ‘जन महाभियोग’ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह प्रस्ताव लाया जाएगा और वह पास भी होगा.
आयोजन से एकता का संदेश जाएगाः गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का कहना है कि लोगों का जो दर्द है और लोकतंत्र पर जो आक्रमण है, उस सब पर चर्चा हो और लोगों को एक हौसला मिले कि आज लोकतंत्र को बचाने में हम सब एकजुट हैं. यह एकता का संदेश जाएगा.
सांसद पवन खेड़ा का कहना है, “आप सब लोग ज्ञानेश कुमार के बहुत ऐतिहासिक सार्वजनिक महाभियोग के गवाह बनेंगे. ये एक सार्वजनिक महाभियोग है, इसलिए आप देखेंगे कि कैसे इंडिया ब्लॉक की अलग-अलग पार्टियों के कई नेता अपनी राय साझा करेंगे.
रैली की तैयारी को लेकर खरगे के घर बैठक
‘जन महाभियोग’ के बाद ज्ञानेश कुमार के विरोध की 1 नवंबर वाली तैयारी भी बड़ी है. इस रैली की तैयारियों को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के घर पर बैठक हुई. जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा समेत गठबंधन के कई नेता पहुंचे. विपक्ष के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर गुरुवार को वीडियो जारी कर भी रैली वाले संदेश दिए. चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का. वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है. ये किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं है. ये हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है. सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं. सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं. संविधान की रक्षा करना चाहते हैं. आप सब आइए. एक ही प्रोटेस्ट है, देश का प्रोटेस्ट है. पुलिस की चिंता मत करो, लाठियों की चिंता मत करो. बीजेपी में अपनी हरकतों को आजमाने की हिम्मत नहीं होगी. आओ हमारे साथ मार्च करो, हम संविधान की रक्षा के लिए एक साथ चलेंगे.
दिल्ली पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली की इजाजत दी है. कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है. तो सवाल है क्या यह विपक्ष की सियासी शक्ति का प्रदर्शन है. सवाल है क्या सभी दल चुनाव सुधारों पर एक साझा रणनीति बना पाएंगे.
प्रियंका-खेड़ा ने लिया रैली की तैयारी का जायजा
रामलीला मैदान में रैली की तैयारी को लेकर गुरुवार देर रात प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल आयोजन स्थल पर पहुंचे. उन्होंने रैली की तैयारियों का जायजा लिया. पार्टी ने इस महारैली का नाम वोट बचाओ, देश बचाओ रखा है. कांग्रेस का दावा है कि इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. पार्टी इस आयोजन के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की रणनीति बना रही है.
फिलहाल राहुल गांधी पिछले कुछ समय से संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और मताधिकार जैसे मुद्दों पर जोर देते रहे हैं. ये रैली इसी का एक ट्रेलर है. रैली पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे कहते हैं, “इस वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार ने आयोग में जो शरारत की है, उसके कारण हमारा विरोध जारी है. हम उसका विरोध कर रहे हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे. सभी पार्टियां हमारा समर्थन कर रही हैं.”
SIR को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के बीच एक अपडेट बीजेपी की तरफ से भी है. बीजेपी हेडक्वार्टर में गुरुवार को बैठक हुई. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव समेत कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए. बैठक में पार्टी के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान की समीक्षा की गई. साथ ही विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने और अभियान को प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.



