जोरू का गुलाम के डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, 33 साल की एक्ट्रेस ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

जोरू का गुलाम के डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, 33 साल की एक्ट्रेस ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

जोरू का गुलाम समेत कई पुरानी हिंदी फिल्मों के निर्देशक शकील नूरानी को मुंबई की मालवानी पुलिस ने यौन उत्पीड़न के केस में गिरफ्तार किया है. वे 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे.

Joru Ka Ghulam Film Director: बॉलीवुड में जोरू का गुलाम समेत कई फिल्मों का निर्देशन कर चुके डायरेक्टर शकील नूरानी पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. 73 वर्षीय शकील को मलवणी पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. उनपर 33 साल की महिला ने ये आरोप लगाए हैं. फिलहाल पुलिस ने शकील को 3 दिन की कस्टडी में रखा है और उनसे पूछताछ कर रही है.

पुलिस रिपोर्ट की मानें तो नूरानी ने आगामी फिल्म प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने एक 33 साल की एक्ट्रेस को मलवणी स्थित अपने आवास पर बुलाया था. आरोप है कि वहां उन्होंने महिला का यौन उत्पीड़न किया. मामले में महिला को कथित तौर पर नशीला पदार्थ देने और बाद में एक कथित वीडियो के जरिए उसे धमकाने के आरोप भी शामिल है. मलवणी पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत मामला दर्ज किया है.

गिरफ्तारी के बाद शकील नूरानी को कल पुलिस ने बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया जहां उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. नूरानी ने बड़े दिलवाला (1999) और जोरू का गुलाम (2000) जैसी फिल्मों का लेखन, निर्माण और निर्देशन किया है.

ये भी पढ़ें- Mahesh Babu Birthday: 27 साल के करियर में 5 ब्लॉकबस्टर फिल्में, वाराणसी से पहले ऐसा है महेश बाबू का रिपोर्ट कार्ड

शकील ने किया इन फिल्मों का निर्देशन

शकील नूरानी की बात करें तो उन्होंने बड़े दिलवाला, एसिड ऑफ लव, जोरू का गुलाम और तेजाब जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. वहीं वे प्रोड्यूसर और राइटर के रोल में भी नजर आए. वे 2000s के दौर में एक्टिव थे और इस दौर में ही उन्होंने ज्यादातर प्रोजेक्ट्स किए. जोरू का गुलाम फिल्म की बात करें तो ये फिल्म 5 करोड़ के बजट में बनी थी और इसके मुकाबले फिल्म ने 13 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. ये फिल्म हिट रही थी. अब उनपर 40 साल छोटी महिला संग यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. देखने वाली बात होगी कि ये केस आगे क्या मोड़ लेता है.

पुनीत उपाध्याय
पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में पूरे कर चुका हूं 4 साल. सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक, कभी खोजी पत्रकार, कभी मौजी पत्रकार.

Read More