दिल्ली: बारिश से प्रदूषण घटा तो BS-IV टैक्सियों पर पाबंदी क्यों? ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने CM रेखा गुप्ता को लिखा पत्र
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है और प्रदूषण घटने का हवाला देते हुए BS-IV डीजल टैक्सियों और पर्यटक बसों को चलाने की अनुमति देने की मांग की है.
दिल्ली में बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार का हवाला देते हुए दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने BS-IV डीजल टैक्सियों और पर्यटक बसों को चलाने की अनुमति देने की मांग की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर एक नवंबर 2026 से लागू होने वाले प्रस्तावित प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने की अपील की है. संजय सम्राट ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है. ऐसे में सरकार को मौजूदा हालात को देखते हुए अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही उन परिवारों की रोजी-रोटी का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है, जिनकी आजीविका टैक्सी और पर्यटक बसों पर निर्भर है. एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली-NCR में हजारों वाहन मालिकों और लाखों ड्राइवरों की कमाई टैक्सी और टूरिस्ट बसों से होती है. अचानक वाहनों का संचालन बंद होने से इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है. वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों की बैंक किस्तें भी चुकानी हैं. ऐसे में प्रतिबंधों से उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है. सरकार को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे त्योहार के समय लोगों के सामने बेरोजगारी और आर्थिक तंगी का संकट खड़ा हो जाए.
CAQM के चेयरमैन को भी लिखा पत्र
संजय सम्राट ने सरकार से BS-IV डीजल टैक्सियों और पर्यटक बसों को दिल्ली में चलने की अनुमति देने की मांग की है. साथ ही BS-VI से नीचे के वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंधों की भी समीक्षा करने की अपील की है. उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के चेयरमैन को भी पत्र लिखकर राहत देने की मांग की है. इसके अलावा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय देने का अनुरोध किया है, ताकि परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखा जा सके. संजय सम्राट ने दिल्ली सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका का ध्यान रखने की अपील की है.
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी उठाई आवाज
दिल्ली में 1 नवंबर से बाहर की रजिस्टर BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों की एंट्री पर लगी रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने भी आवाज उठाई है. एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और उपराज्यपाल को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और जरूरी राहत दिलाने की मांग की है.
बार एसोसिएशन का कहना है कि इस प्रतिबंध से उन वकीलों, जजों और अदालत के कर्मचारियों को परेशानी होगी, जो दिल्ली से बाहर के इलाकों से रोजाना दिल्ली आते हैं. ऐसे में उनके लिए अदालत तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है. एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि वकील, जजों और अदालत के कर्मचारी न्याय व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए जरूरी सेवाएं देते हैं. इसलिए उन्हें इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखने पर विचार किया जाना चाहिए. डीएचसीबीए ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि न्याय देने की प्रक्रिया से जुड़े इन लोगों को प्रतिबंध की सख्ती से छूट दी जाए, ताकि उन्हें अदालत आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े.
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