प्रयागराज: TGT-PGT अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना खत्म, पुलिस ने जबरन उठाया, हिरासत में दर्जनों छात्र-छात्राएं
यह पहला मौका नहीं है जब इन अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई है. इससे पहले शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर से लेकर 23 सितंबर तक लगातार 19 दिनों तक छात्रों का उग्र आंदोलन चला था.
पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न पर भर्ती कराने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से शिक्षा निदेशालय पर डटे TGT-PGT छात्र-छात्राओं के अनिश्चितकालीन धरने को पुलिस ने जबरन खत्म करा दिया है. आंदोलन उग्र होने और छात्रों द्वारा कानपुर हाईवे जाम किए जाने के बाद पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया. इस दौरान पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को हिरासत में ले लिया है.
हाईवे जाम करने पर पुलिस ने की सख्त कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय पर पिछले 4 दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे छात्र-छात्राएं गुरुवार देर शाम अचानक उग्र हो गए और उन्होंने कानपुर हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया. हाईवे पर यातायात ठप होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस अधिकारियों और प्रशासन ने छात्रों को समझाने और मान-मनौव्वल करने का कई दौर का प्रयास किया.
जब छात्र किसी भी बात पर राजी नहीं हुए, तो देर शाम पुलिस ने बल प्रयोग कर छात्रों को हाईवे से जबरन हटा दिया और धरने को समाप्त करा दिया.
क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
- पुरानी नियमावली बहाल हो: TGT-PGT भर्ती को पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर ही आयोजित कराया जाए.
- एक अतिरिक्त अवसर की मांग: नए नियमों के लागू होने से प्रभावित हो रहे छात्रों को इस भर्ती में एक अंतिम अवसर (रिलैक्सेशन) दिया जाए.
पहले भी 19 दिनों तक चला था आंदोलन
यह पहला मौका नहीं है जब इन अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई है. इससे पहले शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर से लेकर 23 सितंबर तक लगातार 19 दिनों तक छात्रों का उग्र आंदोलन चला था. उस समय भी कई दौर की वार्ताओं के बाद छात्रों को आश्वासन देकर धरना स्थगित कराया गया था.
हालांकि, कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण छात्र दोबारा अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे, जिसे अब पुलिस ने पूरी तरह खत्म करा दिया है. इस कार्रवाई के बाद से छात्रों में भारी आक्रोश है.




