जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भूकंप के झटके, 5.1 रही तीव्रता
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रात करीब 10:27 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इन झटकों का असर लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिला.
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में गुरुवार रात करीब 10:27 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लद्दाख सीमा के पास चीन के शिनजियांग क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद, गुरुवार रात कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में हल्के झटके महसूस किए गए. इन झटकों का असर लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिला, जिसके चलते एहतियात के तौर पर कुछ लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े.
प्रभावित इलाकों से फिलहाल किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है. स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. इसका केंद्र चीन के शिनजियांग में 35.6° उत्तरी अक्षांश और 78.18° पूर्वी देशांतर पर था, और इसकी गहराई 83 से 110 किलोमीटर के बीच बताई गई है. माना जा रहा है कि यह लेह से लगभग 127 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप 5 नवंबर 2026 को रात 10:26 बजे आया था.
जम्मू-कश्मीर में लगातार लग रहे भूकंप के झटके
इससे पहले 3 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 मापी गई. यह भूकंप रात 10:56 बजे आया था. वहीं 30 अक्टूबर की सुबह भी कश्मीर के कुलगाम जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 बताई गई थी. दोनों भूकंप में हल्के झटके से किसी तरह का कहीं कोई नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन लोगों में दहशत है.
29 अक्टूबर को पुलवामा में आया था भूकंप
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा 29 अक्टूबर की शाम को 3.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए.
भूकंप के दौरान खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
भूकंप कभी भी आ सकता है, और अक्सर आपको तैयारी करने का मौका भी नहीं मिलता. जब ऐसा होता है, तो खुद को बचाने के बारे में सोचने के लिए शायद ही समय मिल पाता है, ऐसे पलों में, आपका दिमाग भी ठीक से काम नहीं कर पाता. जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने अचानक आने वाले भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
- अगर आप घर के अंदर हैं, तो फर्श पर बैठ जाएं. किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं.
- अगर आस-पास कोई मेज या डेस्क नहीं है, तो किसी कोने में बैठ जाएं और अपने हाथों से अपना सिर और चेहरा ढक लें.
- भूकंप के दौरान अपने सिर और चेहरे को बचाएं. कांच, खिड़कियों, दरवाजों, दीवारों और ऐसी किसी भी चीज से दूर रहें जो गिर सकती है.
- अगर भूकंप आने के समय आप बिस्तर पर हैं, तो वहीं रहें और तकिए से अपना सिर ढक लें. हालांकि, अगर आप किसी ऐसी चीज के नीचे हैं जो गिर सकती है, तो वहां से हट जाएं.
- बाहर निकलने के लिए दरवाजे का इस्तेमाल तभी करें जब वह बिल्कुल आपके पास हो. कई लोग इमारत के अंदर से भागने की कोशिश में घायल हो जाते हैं.
- भूकंप के दौरान बिजली जा सकती है, या स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म चालू हो सकते हैं.
- अगर आप भूकंप के समय बाहर हैं, तो वहीं रहें. अगर संभव हो, तो किसी खुली जगह पर चले जाएं जो इमारतों, पेड़ों, स्ट्रीटलाइट और बिजली की लाइनों से दूर हो.
- भूकंप के दौरान सबसे बड़ा खतरा इमारतों से होता है; ज्यादातर चोटें गिरती दीवारों, टूटते कांच या गिरती हुई चीजों की वजह से लगती हैं.
- अगर आप चलती गाड़ी में हैं, तो सुरक्षित जगह मिलते ही उसे रोक लें और गाड़ी के अंदर ही रहें। इमारतों, पेड़ों, ओवरपास या बिजली की लाइनों के पास या नीचे गाड़ी न रोकें.
- भूकंप के झटके रुकने के बाद सावधानी से आगे बढ़ें. ऐसी सड़कों, पुलों या रैंप से दूर रहें जो भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं.
- अगर आप मलबे के नीचे फंस जाएं, तो अपने मुंह को रुमाल या किसी कपड़े से ढक लें.
- किसी पाइप या दीवार पर थपथपाएं ताकि बचाव दल आपको ढूंढ सके. अगर आपके पास सीटी है, तो उसका इस्तेमाल करें. चिल्लाने का काम सबसे आखिर में करें, क्योंकि ऐसा करने से आप धूल अंदर खींच सकते हैं.




