चमत्कार या अनहोनी का खौफ! सांवरिया सेठ मंदिर के जेवर लौटाकर गया चोर, साथ में रखे 201 रुपये

चमत्कार या अनहोनी का खौफ! सांवरिया सेठ मंदिर के जेवर लौटाकर गया चोर, साथ में रखे 201 रुपये

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में सांवरिया जी मंदिर से 2 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चोरी हुए थे. दो दिन बाद, ये आभूषण 201 रुपये की भेंट के साथ रहस्यमय तरीके से मंदिर में वापस मिल गए.

Bhilwara News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में एक मंदिर में चोरी के बाद ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया है. मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया जी के मंदिर से चोरी हुए दो लाख रुपये से अधिक कीमत के आभूषण दो दिन बाद वापस मिल गए. खास बात यह है कि आभूषण लौटाने वाले अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ 201 रुपये की भेंट भी रखी. अब यह मामला पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है.

जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले अज्ञात चोर ने दिनदहाड़े मंदिर को निशाना बनाया था और वहां से दो लाख रुपये से अधिक कीमत के आभूषण चोरी कर लिए थे. घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी और चिंता थी. लेकिन चोरी के दो दिन बाद मंदिर में वही आभूषण वापस रखे मिले. उनके साथ 201 रुपये भी रखे हुए थे.

सीसीटीवी में कैद हुआ शख्स

मंदिर में आभूषण वापस रखने की पूरी गतिविधि सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई है. फुटेज के मुताबिक, एक व्यक्ति बाइक से मंदिर के पीछे की ओर से पास वाली गली में पहुंचा. इस दौरान उसकी बाइक बंद हो गई. इसके बाद उसने बाइक को एक मकान के सहारे खड़ा किया और मंदिर के गेट तक पहुंचा. वह चोरी किए गए आभूषण मंदिर परिसर में रखकर वहां से चला गया. हालांकि, फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान अभी सामने नहीं आई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि उसने चोरी का सामान वापस क्यों लौटाया और इसके साथ 201 रुपये की भेंट रखने के पीछे उसकी क्या मंशा थी.

चोर ने वापस रखे मंदिर से चुराए गहने

इस घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. कई भक्त इसे सांवरिया सेठ का चमत्कार मानकर अपनी आस्था जता रहे हैं. वहीं, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर चोर को ऐसा क्या हुआ कि उसने चोरी के जेवर खुद ही मंदिर में वापस पहुंचा दिए. फिलहाल, चोरी के बाद आभूषणों की वापसी ने पूरे इलाके में कौतूहल पैदा कर दिया है. श्रद्धालुओं के लिए यह घटना आस्था से जुड़ा विषय बन गई है, जबकि चोर की पहचान और जेवर लौटाने की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है.

ध्वज आर्य
ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

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