उत्तराखंड कांग्रेस में विवाद गहराया! राहुल गांधी की अहम बैठक में हरीश रावत को नहीं मिला न्योता
उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी कलह की अटकलें तेज हो गई हैं. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हुई बैठक से हरीश रावत की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े किए हैं.
क्या उत्तराखंड कांग्रेस में सब कुछ ठीक है… ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्यों कि सोमवार (2 नवंबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खरगे के आवास पर उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक में राज्य में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा की गई. खास बात ये है कि इस बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नदारद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस अहम बैठक में हरीश रावत को बुलाया ही नहीं गया था, जिससे पार्टी में अंदरूनी विवाद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, राज्य इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत और राज्य के अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए.
बैठक से हरीश रावत नदारद
यह बैठक अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा था. मणिपुर को लेकर बैठक पहले ही हो चुकी थी, जबकि उत्तराखंड के नेताओं ने सोमवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की. इस बैठक में हरीश रावत को छोड़कर उत्तराखंड कांग्रेस के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे. बैठक में फैसला हुआ कि, 4 नवंबर को कांग्रेस राज्य के हर जिले में भूमि घोटाले के अलावा धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ़ प्रदर्शन करेगी.
हरीश रावत को लेकर खड़े हुए सवाल
इससे पहले हरीश रावत की धन्यवाद और जनसंवाद रैलियों के कार्यक्रम को आलाकमान के निर्देश पर कुमारी शैलजा ने रुकवा दिया था. उसके बाद अब इस अहम बैठक में हरीश रावत को न बुलाया जाना और राज्यवापी कार्यक्रम तय करने की रणनीति से उनको दूर रखना एक नए विवाद को जन्म दे रहा है. ऐसे में अब हरीश रावत के नाखुश समर्थक उनके अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं.
खरगे ने की बीजेपी सरकार की आलोचना
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, खरगे ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहे इन दस सालों में बीजेपी सरकार ने लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को धोखा दिया है. खरगे ने कहा, ‘चरमराई कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल, सत्ता का अहंकार और जवाबदेही से लगातार बचने की प्रवृत्ति ने राज्य की जनता को निराश कर दिया है’.
‘उत्तराखंड की जनता बदलाव चाहती है’
उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड की जनता अब हिसाब मांग रही है और बदलाव चाहती है. कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक, लोगों के अधिकारों और हक के लिए पूरी ताकत से लड़ रही है’. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी लोगों का भरोसा जीतने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा ‘हमारा संकल्प लोगों का विश्वास जीतना और देवभूमि उत्तराखंड को एक ऐसी सुरक्षित, संवेदनशील और जवाबदेह सरकार देना है, जो जन कल्याण को सबसे ऊपर रखे’ .




