दोस्ती पक्की करने के लिए दुनिया के 2 बड़े नेताओं ने ट्रंप के दामाद को दी 2 अरब डॉलर की रिश्वत, खुलासा
मैथ्यू कौल ने खुफिया रिपोर्ट्स के हवाले से लिखा है कि ट्रंप के दामाद को 2017 में यूएई और सऊदी के 2 बड़े नेताओं ने 2 अरब डॉलर की रिश्वत दी. यह पैसा ट्रंप से दोस्ती बढ़ाने के लिए दिए गए थे.
2017 में दोस्ती पक्की करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के मोहम्मद बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर को 2 अरब डॉलर की रिश्वत दी थी. खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यह खुलासा यूरोप के वरिष्ठ पत्रकार मैथ्यू कौल ने किया है. जिस वक्त ट्रंप के दामाद को रिश्वत दी गई थी, उस वक्त ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे. वहीं कुशनेर उनके एडवाइजर थे.
वैनिटी फेयर नामक मैगजीन में मैथ्यू कौल ने इसको लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. इसमें कहा गया है कि 2020 में डच एजेंसियों के हवाले से उन्हें खुफिया रिपोर्ट्स मिली थी. इसी आधार पर उन्होंने एक किताब भी लिखी है. मैथ्यू कौल के इस खुलासे ने मिडिल ईस्ट से लेकर यूरोप और अमेरिका तक हड़कंप मचा दिया है.
रिश्वत देने का खुलासा कैसे हुआ?
मैथ्यू कौल के मुताबिक, साल 2020 में उन्हें डच खुफिया अधिकारियों ने बताया कि रूसी जासूसों की मदद से उन्हें ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर के आईफोन X का एक्सेस मिल गया है. डच अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने ब्रिटेन में एक रूसी जासूस को पकड़ा था. उस जासूस ने एक डील के तहत उन्हें कुशनेर के फोन का एक्सेस दिया था.
डच जासूसों ने इस दौरान देखा कि कुशनेर के दुबई स्थित बैंक अकाउंट में अजरबैजान से हवाला के जरिए 750 मिलियन डॉलर भेजे गए थे. ये पैसे यूएई के मोहम्मद बिन जायद ने भेजे थे. एमबीजेड की तरफ से इन्हें अपने हित साधने के लिए भेजा गया था.
डच जासूसों के मुताबिक, कुशनेर के बैंक अकाउंट में दो अलग-अलग स्लॉट में कुल 2 अरब डॉलर की राशि क्रेडिट की गई थी. मोहम्मद बिन जायद के अलावा, ये पैसे मोहम्मद बिन सलमान ने भी भेजे थे.
MBZ और MBS ने क्यों भेजे पैसे?
1. मोहम्मद बिन जायद उस वक्त खाड़ी में ईरान के बढ़ते प्रभाव से परेशान थे. ये पैसे 2 कारणों से भेजे गए थे. यूएई चाहता था कि अमेरिका ईरान से परमाणु समझौता तोड़ ले. ओबामा शासन में ये समझौते हुए थे. ट्रंप ने 2018 में इसे तोड़ दिया था. इसके अलावा यूएई की ख्वाहिश इजराइल से दोस्ती बढ़ाने की थी.
2. मोहम्मद बिन सलमान उस वक्त क्राउन प्रिंस बनना चाहते थे. एमबीएस की राह में कई रोड़े थे. उन्हें अमेरिका का समर्थन चाहिए था, ताकि आंतरिक तौर पर सबको पीछे छोड़ा जा सके. इसलिए उन्होंने इसके लिए कुशनेर से संपर्क साधे.
मैथ्यू कौल का दावा है कि कुशनेर को जो पैसं मिले थे, उसे व्हाइट करने में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मदद की थी. कुशनेर डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के पति हैं.



