‘मंदिरों में पुजारी रेप करते हैं…’ नेहा बोरा के बयान पर बवाल, महिला वकील ने पुलिस से की शिकायत
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नेहा बोरा के सार्वजनिक बयान में पुजारियों के पूरे समुदाय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आशंका है कि ऐसे बयानों से धार्मिक समुदायों के बीच तनाव और दुश्मनी भड़क सकती है.
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. यह शिकायत मंदिरों में पुजारियों द्वारा महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर उनके कथित बयानों के संबंध में है. दिल्ली हाई कोर्ट की महिला वकील अमिता सचदेवा ने संसद मार्ग थाने में SHO को औपचारिक शिकायत दी और नेहा बोरा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नेहा बोरा के सार्वजनिक बयान में पुजारियों के पूरे समुदाय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आशंका है कि ऐसे बयानों से धार्मिक समुदायों के बीच तनाव और दुश्मनी भड़क सकती है, जिससे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ सकती है. शिकायत में, वकील अमिता सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. यह धारा उन कृत्यों से संबंधित है जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी और अशांति को बढ़ावा देते हैं.
गैर-जिम्मेदाराना या भड़काऊ बयान देना गलत
शिकायत में कहा गया है कि हालांकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी समुदाय के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना या भड़काऊ बयान देने के लिए नहीं किया जा सकता. हर व्यक्ति कानून के दायरे में रहकर काम करने के लिए बाध्य है और उसे अपने बयानों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. शिकायतकर्ता की मांग है कि बयान की जांच की जाए और कानून के मुताबिक कार्रवाई हो.
नेहा बोरा ने क्या कहा?
महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए, नेहा बोरा ने ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि महिलाओं और शोषित समूहों को ऐसी व्यवस्था से सुरक्षा की जरूरत है. इस दौरान, उन्होंने ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा और मंदिर के पुजारियों के आचरण को लेकर भी विवादित टिप्पणियां कीं.
मंदिरों में पुजारी करते हैं रेप
नेहा बोरा ने कहा, “सुरक्षा बहुत जरूरी है, और यह सुरक्षा खास तौर पर ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ के खिलाफ चाहिए. यह एक ऐसी व्यवस्था है जो मानती है कि गरीब, शोषित, जानवर और महिलाएं, ये सभी केवल दमन और दुर्व्यवहार के ही हकदार हैं. इसी व्यवस्था के तहत, ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं और वे यौन उत्पीड़न का शिकार होती हैं. मंदिरों के अंदर पुजारी रेप करते हैं. हमने ऐसी घटनाएं देखी हैं.”




