युद्धाभ्यास या अमेरिका का दबाव… नेतन्याहू ने आखिरी मिनट में ईरान बॉर्डर से क्यों वापस बुलाए फाइटर जेट्स?
इजराइल में चुनाव से पहले ईरान के साथ संभावित युद्ध होने की बात कही जा रही है. इस बीच नेतन्याहू ने अमेरिकी दबाव में ईरान सीमा से लड़ाकू विमान वापस बुलाए.
इजराइल में चुनाव से पहले एक नई लड़ाई चल रही है कि चुनाव और ईरान के खिलाफ जंग में किसे चुना जाए? दरअसल, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उसकी कैबिनेट ईरान के साथ लड़ाई के पक्ष में है, जबकि इजराइल रक्षा बल (IDF) में इसे लेकर मतभेद उभर रहे हैं. इसको लेकर अगले चार दिन बेहद अहम बताए जा रहे हैं.
वहीं, पीएम नेतन्याहू का का चुनाव से पहले एक खतरनाक एक्शन देखने को मिला है. उन्होंने ईरान की सीमा पर भेजे दर्जनों इजराइली फाइटर जेट्स को आखिरी मिनट पर वापस लौटने का आदेश दिया. ये फाइटर जेट्स सीरिया और इराक होते हुए ईरान तक पहुंचे थे और ईरान की तरफ से रिएक्शन का इंतजार कर रहे थे. बताया जा रहा है कि नेतन्याहू ने फाइटर जेट वापस बुलाने की कार्रवाई अमेरिका के दबाव के चलते की है और दो दिन पहले हुए इस ऑपरेशन को बाद में युद्धाभ्यास बताया गया.
अमेरिका ने सऊदी से बुलाए अधिकारी
इसको लेकर इजराइली और अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था सोमवार को इजराइली वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरानी सीमा के करीब एक ऑपरेशनल उड़ान भरी. इजराइल से लगभग 1300 किलोमीटर दूर किया गया यह मिशन चुनावों से एक हफ्ते पहले हुआ. इसी दिन अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ओवदा एयर फोर्स बेस पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी. इस उड़ान का हेगसेथ की यात्रा से कोई संबंध नहीं था.
कहा जा रहा है कि पीएम नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर इजरायली हमले रोका क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया था कि विदेश विभाग सऊदी अरब से कुछ राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है. यह कदम फिर से शुरू हो सकने वाली लड़ाई, खासकर यमन में हूतियों से जुड़ी लड़ाई को लेकर जताई गई चिंताओं के कारण उठाया गया. अमेरिका ने बुधवार को सऊदी में मौजूद गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने के लिए कहा है.
ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम किए शुरू?
इस महीने की शुरुआत में नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा था कि उन्हें इजराइली खुफिया जानकारी को लेकर चिंता है, जिससे पता चलता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने के लिए खतरनाक कदम उठा रहा है. नेतन्याहू ने कहा कि मुजतबा ने सुरक्षा लॉक हटा दिया है और ईरान एक बार फिर मौत के बम बनाने की कोशिश कर रहा है इसलिए इस खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने का बस एक ही तरीका है, ईरान की सत्ता को उखाड़ फेंकना. यही निर्देश मैंने IDF, मोसाद और सुरक्षा एजेंसियों को दिया है.




