वेलकम के आइकॉनिक डायलॉग को पूरा करने वाले दोनों कलाकार उदय-बल्लू 15 दिन में गुजर गए, सबसे ज्यादा वायरल हुए मीम का रहे हिस्सा

वेलकम के आइकॉनिक डायलॉग को पूरा करने वाले दोनों कलाकार उदय-बल्लू 15 दिन में गुजर गए, सबसे ज्यादा वायरल हुए मीम का रहे हिस्सा

ये कैसा इत्तेफाक है कि फैंस की सबकी फेवरेट कॉमेडी फिल्म वेलकम के दो स्टार्स ने 15 दिन में ही दुनिया को अलविदा कह दिया. पॉपुलर मीम का हिस्सा रहे उदय और बल्लू अब इस दुनिया में नहीं रहे.

Nana Patekar and Mushtaq Khan Death: वाकई में वक्त का कोई भरोसा नहीं. जिंदगी और मौत का कहीं कोई तय समय नहीं. कुछ इत्तेफाक अच्छे होते हैं कुछ बुरे होते हैं तो कुछ अमर हो जाते हैं. आज बात इन्हीं तीन अलग-अलग इत्तेफाकों पर करेंगे जो 2007 में आई वेलकम फिल्म से जुड़े हुए हैं. 2007 में आई वेलकम फिल्म को बॉलीवुड की सबसे यादगार कॉमेडी फिल्मों में गिना जाता है. ये एक मल्टीस्टारर फिल्म थी जिसमें कई कलाकारों ने काम किया था और फिल्म कुछ ऐसी थी कि इसके हर एक कलाकार अपने आप में खास थे. मगर अफसोस कि इस फिल्म के पॉपुलर संवाद और सीन्स का हिस्सा रहे दो कलाकारों ने दुनिया को मुख्तसर वक्त में अलविदा कह दिया.

पहले फिल्म में बल्लू का रोल प्ले करने वाले एक्टर मुश्ताक खान का निधन हुआ. उसके 15 दिन में ही फिल्म में उदय शेट्टी का रोल करने वाले नाना पाटेकर ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. दोनों ही कलाकार 75 साल की उम्र में दुनिया से रुखसत हो गए. लेकिन सिर्फ कलाकार ही रुखसत हुए. मगर अपनी कलाकारी से एक संवाद के जरिए दोनों की बेजोड़ साझेदारी ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया. जब भी फिल्म का डायलॉग भगवान का दिया हुआ सब कुछ है… शुरू होता था तो एक अलग ही माहौल बन जाता था. ये फिल्म के सबसे फनी सीन्स में से एक था. इसी फिल्म के इस सीन और डायलॉग को अब तीन इत्तेफाक में बांटते हैं.

अच्छा इत्तेफाक

2007 में आई इस फिल्म में एक सीन ऐसा क्रिएट किया गया जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन का रोल प्ले कर रहे नाना पाटेकर का किरदार उदय शेट्टी अपनी बहन की शादी के लिए अच्छा घर ढूंढ रहा होता है. इसमें अपने आप को लड़के के घरवालों के सामने अच्छा दिखाने के लिए वो एक सीन रिक्रिएट करता है. जिसमें मुश्ताक खान का किरदार बल्लू उनका साथ देता है. भगवान का दिया हुआ सब कुछ है डायलॉग के बाद उदय शेट्टी अपनी दरियादिली दिखाने के लिए बल्लू से झूठ बुलवाता है कि उसकी एक टांग नकली है और बल्लू इसके बाद अपनी मनगढ़ंत कहानी बताता है कि कैसे उदय ने उसके एक्सीडेंट के बाद उसकी मदद की और उसे नकली टांग दिलवाई. फिल्म का ये सीन हिट हो जाता है और दोनों की जोड़ी भी. आज भी ये सीन और दोनों के डायलॉग्स लोगों की जुबां पर रटे हुए हैं.

View this post on Instagram

A post shared by Trevor (@trevorcanedit)

बुरा इत्तेफाक

अब वेलकम फिल्म के इस सीन को आइकॉनिक बनाने वाले बल्लू और उदय हमारे बीच नहीं रहे. 24 सितंबर 2026 को लंबी बीमारी के चलते मुश्ताक खान ने दुनिया को अलविदा कह दिया. उनका करियर शानदार रहा और हर छोटे-बड़े किरदार में अपनी नेचुरल एक्टिंग से उन्होंने फैंस का भरपूर मनोरंजन किया. वहीं सैकड़ों किरदारों से लोगों के दिलों में राज करने वाले उदय यानी नाना पाटेकर भी 15 दिन के अंदर ही चल बसे और इस आइकॉनिक सीन के दोनों किरदार दुनिया से हमेशा के लिए रुखसत हो गए.

दोनों ने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. हमारे बचपन को इन छोटे-छोटे सीन्स से खुशनुमां कर देने वाले दोनों एक्टर इतनी जल्दी चले जाएंगे किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी. दोनों ही फिल्मों में एक्टिव थे और फिल्म की रिलीज के लगभग 2 दशक के बाद भी दोनों दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे. ये सिर्फ सिनेमा ही नहीं बल्कि उनके फैंस के लिए भी किसी गहरे दुख से कम नहीं.

अमर इत्तेफाक

लेकिन दोनों ने वेलकम फिल्म के इन आइकॉनिक सीन्स और डायलॉग्स के जरिए लोगों के दिलों में तो जगह बनाई ही साथ ही इसकी पॉपुलैरिटी का असर इतना ज्यादा था कि सोशल मीडिया के दौर में ये डायलॉग्स और सीन्स मीम के रूप में भी खूब चलन में रहे और फोन को स्क्रॉल करने वाले लोगों के हर दिन का हिस्सा बन गए. दोनों का साथ में हंसने वाला सीन स्मरण करिए. जहां बल्लू पीछे खड़े हैं और नाना पाटेकर के हाथ में कप है और वे हंस रहे हैं. लगभग हर मीम के बाद हमें ये सीन देखने की आदत पड़ गई है. किसी भी कॉमिक मीम के अंत में या बीच में इस मीम का इस्तेमाल किया ही जाता है. और खास बात ये है कि दोनों कलाकारों के चले जाने के बाद भी आने वाले दौर में ना तो इस फिल्म की यादें धुंधली पड़ेंगी. ना तो इन सीन या डायलॉग्स की. और ना तो इस मीम की. दोनों के साथ का ये अमर इत्तेफाक बन गई हैं जो हर फोन स्क्रॉल करने वाले शख्स को नजर आएंगी और दोनों कलाकारों की याद दिलाती रहेंगी.

ये भी पढ़ें- सच कहने का उनका साहस सबसे अलग था KBC के मंच पर नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन

कई लोग इत्तेफाक पर भरोसा करते हैं और कई नहीं भी करते. ये डिबेट छोड़कर भी अगर देखें तो इसे इत्तेफाक नहीं तो भला और क्या नाम दिया जाए. कैसे किसी एक पशमंजर से जुड़ी वक्त की सूई घूम के जीवन की चौखट पर आकर खड़ी हो जाती है और बाहर से खटखटाकर आपका जीवन मांग लेती है. जीवन तो चला जाता है. सभी का जाना है. लेकिन वो पल और यादें कैसे एक जगह फिर आकर ठहरती हैं और कभी मीम या किसी याद के रूप में हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं. मरती नहीं. सीन तो बॉलीवुड में कई कॉमिक आए और गए और आएंगे. लेकिन कैसे इत्तेफाकन बल्लू और उदय की जोड़ी हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई और सालों से बनी हुई है शायद इसका एहसास हमें नहीं हुआ. और जब दोनों लगभग साथ रुख्सत हुए तो वो एहसास एक अमर इत्तेफाक बन गया.

पुनीत उपाध्याय
पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में 7 साल पूरे कर चुके पुनीत उपाध्याय रायबरेली से ताल्लुक रखते हैं. वे टीवी 9 के डिजिटल विंग में साल 2022 से सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. कला, संगीत, सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक रखते हैं. साथ ही इससे जुड़ी हर छोटी, बड़ी और रोचक खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं. इसके अलावा वे अन्य बीट्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पुनीत मानते हैं कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उससे इतर अंतरमन से जुड़ने और समाज से रूबरू होने का एक सार्थक जरिया भी है. CSJM कानपुर युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद पुनीत ने ITMI (इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट) से मास कॉम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा का कोर्स किया है. पुनीत की पहली जॉब आज तक में थी जहां उन्होंने 4 साल सब एडिटर की पोस्ट पर काम किया और मनोरंजन बीट के लिए अपनी सेवाएं दीं. पुनीत की रुचि लिखने में है और वे कलम की धार से समाज में बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं. इसके अलावा उनकी रुचि आध्यात्म, साहित्य, गायन, दर्शन, क्रिकेट और मनोविज्ञान में है.

Read More