संजय दत्त के ‘शेखर टुनाइट’ वाले विवाद पर आमिर खान से सवाल, मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने बोलने से किया साफ इनकार, Video
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान से एक इवेंट में संजय दत्त की उस टिप्पणी पर सवाल हुआ, जो उन्होंने 'शेखर सुमन' के शो 'शेखर टुनाइट' में की. आमिर ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया.
Aamir Khan And Sanjay Dutt: शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में संजय दत्त द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर काफी विवाद हुआ. संजय दत्त को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. बाद में उन्होंने मामले पर सफाई दी थी और कहा था कि शो में उन्होंने जो कुछ भी कहा था वि सबकुछ स्क्रिप्टेड था, जैसा कि किसी शो में होता है. अब इस विवाद को लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने आमिर खान से सवाल हुआ, लेकिन आमिर ने इसपर किसी भी तरह का रिएक्शन नहीं दिया.
7 अक्टूबर को आमिर खान मुंबई में एक इवेंट में शामिल हुए. उसी इवेंट में उनसे संजय दत्त से जुड़े विवाद को लेकर सवाल हुआ. उनसे पूछा गया, “हाल ही में संजय दत्त ने कहा कि भारत में उन्हें शांति महसूस नहीं होती है…” सवाल पूछ रहा शख्स अपना सवाल खत्म करता, उससे पहले ही आमिर ने इसपर रिएक्ट करने से साफ मना कर दिया. आमिर हाथों से इशारा करते हैं कि इस तरह के सवाल नहीं. उसके बाद वो सभी को शुक्रिया बोलकर वहां से चले जाते हैं. अब उस दौरान का आमिर का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
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संजय दत्त ने दी थी सफाई
बता दें कि ‘शेखर टुनाइट’ शो का संजय दत्त का एपिसोड 2 अक्टूबर को आया. ‘भारत में शांति महसूस नहीं होती’, इसके साथ-साथ उन्होंने और भी कुछ टिप्पणी की. हालांकि, जब मामले ने विवाद का रूप ले लिया, तो फिर 4 अक्टूबर को वो सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हैं और कहते हैं, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है.”
मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है।
मेरी टिप्पणियाँ एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था। इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से गांधीगिरी की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया।
— Sanjay Dutt (@duttsanjay) October 4, 2026
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मेरी टिप्पणियां स्क्रिप्टेड थीं- संजय दत्त
संजय दत्त ने ये भी कहा था, “मेरी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था. इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया.”




