Nana Patekar: 33 साल पहले नाना पाटेकर बनने वाले थे ‘खलनायक’, क्यों और कैसे संजय दत्त को मिला ‘बल्लू’ का रोल?
Nana Patekar: नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई जबरदस्त किरदार निभाए हैं, जो हमेशा याद रहेंगे. पर क्या आप जानते हैं 'खलनायक' के लिए वो ही पहली पसंद थे. फिर कैसे संजू बाबा को मिला रोल?
Nana Patekar: नाना पाटेकर बेशक अब हमारे बीच नहीं रहे, पर उनकी फिल्में और यादगार रोल्स हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे. उनकी एक्टिंग में वो गहराई थी कि इंसान अगर टीवी के आगे एक बार देखने बैठे, तो पिक्चर खत्म होने तक स्क्रीन से चिपका ही रहे. अपने करियर में उन्होंने कई बेहतरीन रोल निभाए, तो कई बड़ी फिल्में उनके हाथों से छूटीं और कुछ उन्होंने खुद छोड़ दीं. पर क्या आप जानते हैं कि इंडियन सिनेमा की आइकॉनिक फिल्म ‘खलनायक’ के लिए नाना पाटेकर ही पहली पसंद थे. डायरेक्टर सुभाष घई ने संजय दत्त से पहले ही उन्हें इस रोल के लिए चुना था. यहां तक कि नाना भी इस रोल को करने के लिए काफी एक्साइटेड थे. फिर ऐसा क्या हुआ कि ‘बल्लू’ का वो ऐतिहासिक किरदार संजय दत्त की झोली में जा गिरा?
साल 1993 में आई फिल्म ‘खलनायक’ का खुमार आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. इस फिल्म में संजय दत्त ने ‘बल्लू बलराम’ का खूंखार और सनकी विलेन वाला किरदार निभाया था. उसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था. लेकिन शुरुआत में इस रोल का खाका नाना पाटेकर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था. सुभाष घई चाहते थे कि फिल्म का विलेन कोई ऐसा एक्टर बने, जिसकी आंखों में आग, आवाज में कड़कपन और चेहरे पर एक अजीब सी सनक दिखाई दे.
क्यों नाना पाटेकर को चुना गया था?
दरअसल नाना पाटेकर उस समय अपनी गंभीर और लीग से हटकर की जाने वाली एक्टिंग के लिए जाने जाते थे. जब सुभाष घई ने उन्हें यह कहानी सुनाई, तो नाना को भी यह कैरेक्टर काफी पसंद आया था, और वो इसे करने के लिए बेहद एक्साइटेड भी थे.
फिर क्यों हाथ से निकल गई फिल्म?
खुद सुभाष घई ने बताया था कि ‘खलनायक’ का आइडिया उन्हें रावण से आया था. उस समय, इस टॉपिक पर किसी ने फिल्म नहीं बनाई थी. इस फिल्म पर जब उन्होंने काम शुरू किया था, तो नाना पाटेकर के साथ एक आर्ट फिल्म बना रहे था. दरअसल ‘खलनायक’ पूरी तरह से एक आर्ट फिल्म की कहानी थी. जो पुणे से मुंबई जाने वाले उनके किरदार पर बेस्ड थी. लेकिन उनके राइटर्स ने घई से कहा- ‘क्यों न आप एक कमर्शियल फिल्म बनाएं और उसे बड़े लेवल पर पेश करें?’
कास्टिंग में क्या हुआ था?
डायरेक्टर ने कहा था कि, एक एक्टर के बारे में पक्का पता था- जैकी श्रॉफ. ”राम का रोल तो जैकी श्रॉफ ही करने वाले थे. इस किरदार के लिए कास्टिंग करना सबसे आसान था. मैं उन्हें लेकर बहुत साफ था. अनिल कपूर विलेन का रोल करना चाहते थे. वो दो-तीन बार मेरे घर आए. उन्होंने कहा, ‘सुभाष जी, मैं यह रोल करने के लिए बहुत एक्साइटेड हूं. मैंने उनसे कहा, ‘यह तुम पर सूट नहीं करेगा. तुम भी जाओगे, मैं भी जाऊंगा और फिल्म भी डूबेगी. दरअसल जब इस फिल्म को मेनस्ट्रीम मसाला एंटरटेनर के तौर पर बनाया गया, तब ही संजय दत्त को डायरेक्टर ने चुन लिया था.




