नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई विधायक नाराज… आज फारूक अब्दुल्ला से करेंगे मुलाकात, जानें क्या है वजह
NC के नाराज विधायक फिलहाल पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक हसनैन मसूदी के साथ बातचीत कर रहे हैं. ये नाराज विधायक शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे.
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नाराज विधायक फिलहाल पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक हसनैन मसूदी के साथ बातचीत कर रहे हैं, संभावना है कि वे कल NC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे. सूत्रों के अनुसार, श्रीनगर में NC के इन नाराज विधायकों की एक बैठक चल रही है. इस बैठक का मकसद आज शुक्रवार सुबह NC नेतृत्व के साथ होने वाली अहम मुलाकात से पहले एक साझा रणनीति पर चर्चा करना और उसे अंतिम रूप देना है.
सूत्रों से यह भी पता चला है कि इस बैठक के बाद, नाराज विधायक पम्पोर से NC के मौजूदा विधायक और पूर्व सांसद हसनैन मसूदी के आवास पर उनसे बातचीत कर रहे हैं. उम्मीद है कि वे आज NC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मिलकर उन्हें अपनी नाराजगी के कारणों के बारे में बताएंगे और अपने सुझाव उनके सामने रखेंगे. नाराज विधायक पार्टी आलाकमान के साथ बैठक से पहले एक साझा रणनीति और रुख तय करने के लिए हसनैन मसूदी के आवास पर इकट्ठा हुए.
बंद कमरे में हुई एक दर्जन विधायकों की बैठक
बंद कमरे में हुई इस बैठक में लगभग एक दर्जन विधायक शामिल थे, जिनमें हसनैन मसूदी, अब्दुल मजीद लारमी, मुबारक गुल, एजाज जान, नजीर गुरेजी, बशीर अहमद वीरी, फारूक अहमद शाह और निर्दलीय विधायक मुजफ्फर इकबाल खान शामिल थे. शुक्रवार को, ये नाराज विधायक नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे, ताकि वे अपनी शिकायतें और मांगें उनके सामने औपचारिक रूप से रख सकें.
CM उमर के किस कदम से है नाराजगी?
कई वरिष्ठ विधायक इस बात से नाराज हैं कि 27 अक्टूबर, 2026 को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किए गए मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के दौरान उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. इन विधायकों ने पार्टी आलाकमान को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है. उनकी मुख्य मांगों में मौजूदा कैबिनेट मंत्रियों की समीक्षा करना, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाना, और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रयासों को तेज करना शामिल है.
पार्टी के भीतर बदलाव लाना है मकसद
हालांकि विधायकों के बीच नाराजगी काफी गहरी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रति वफादार हैं. उनका मकसद पार्टी से अलग होना या उसे छोड़ना नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर बदलाव लाना है.




