आतंकी साजिश का भंडाफोड़, सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों का ब्रेनवॉश, PAK हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े तार

आतंकी साजिश का भंडाफोड़, सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों का ब्रेनवॉश, PAK हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े तार

पुलिस मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम और सिग्नल आईडी सहित सोशल मीडिया पर हुए संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे.

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर देश विरोधी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश का मामला सामने आया है. पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में जिले के तीन नाबालिगों के होने की जानकारी मिलने के बाद रायसिंहनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़कर स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश की जा रही थी.

पुलिस को यह जानकारी आसूचना अधिकारी के माध्यम से मिली थी. सूचना के अनुसार, जिले के तीन नाबालिग युवक कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे. पुलिस के मुताबिक, इनका संपर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बना हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है.

टेलीग्राम और वॉट्सएप के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

कांस्टेबल अशोक कुमार के अनुसार शहजाद भट्टी कथित तौर पर टेलीग्राम और वॉट्सएप पर ग्रुप बनाकर भारतीय युवाओं को अपने संपर्क में लाने का प्रयास करता है. इन ग्रुपों के माध्यम से युवाओं को टारगेट कर अपने नेटवर्क में शामिल करने और उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करने की आशंका जताई गई है.

प्राथमिकी में कुछ पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिनके माध्यम से संपर्क किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली. इसके अलावा टेलीग्राम पर @Ranahunain333 नाम की आईडी और सिग्नल एप पर RANA BHAI 3333 नाम से संचालित आईडी का भी उल्लेख किया गया है. पुलिस इन मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से हुए संपर्कों की जांच कर रही है.

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन आईडी के पीछे कौन सक्रिय था और इनके जरिए स्थानीय युवाओं को कथित नेटवर्क से किस तरह जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था. शहजाद भट्टी के संपर्क में रहने वाले लोगों के जरिए उसके नेटवर्क को आगे बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही थी. इस नेटवर्क से जुड़े लोगों का इस्तेमाल स्लीपर सेल के रूप में किए जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है.

हरियाणा में गिरफ्तारी और हनुमानगढ़ में रेकी का भी जिक्र

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी में हरियाणा और राजस्थान में सामने आए पूर्व घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया गया है. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 13 मार्च 2026 को हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा थाना क्षेत्र में शहजाद भट्टी के एक कथित भारतीय सहयोगी को गिरफ्तार किया गया था. उसके कब्जे से विस्फोटक सामग्री बरामद होने का भी उल्लेख प्राथमिकी में किया गया है.

इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है कि शहजाद भट्टी का एक कथित सहयोगी हनुमानगढ़ जिले में आकर रेकी की गतिविधियों में शामिल रहा था. वहीं, 24 मार्च 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किए जाने और हनुमानगढ़ जिले में कथित आतंकी मॉड्यूल तथा सहयोगी तैयार करने संबंधी गतिविधियों का भी प्राथमिकी में जिक्र किया गया है.

पुलिस इन घटनाक्रमों को शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क की गतिविधियों से जोड़कर देख रही है. जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि श्रीगंगानगर जिले के नाबालिगों का इस नेटवर्क से किस स्तर तक संपर्क था और उन्हें किस तरह की गतिविधियों के लिए जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था.

सीमावर्ती जिले में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

श्रीगंगानगर जिला पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा होने के कारण सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में स्थानीय नाबालिगों का कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

फिलहाल रायसिंहनगर पुलिस ने तीन नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम और सिग्नल आईडी सहित सोशल मीडिया पर हुए संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे और स्थानीय स्तर पर इसका कितना विस्तार था.

ध्वज आर्य
ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

Read More