Nana Patekar Roles: ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी से ‘क्रांतिवीर’ के प्रताप नारायण तिलक तक, नाना पाटेकर के 11 आइकॉनिक किरदार
बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन से देशभर के तमाम फैंस काफी दुखी हैं. इस मौके पर याद करते हैं उनके करियर के 11 आइकॉनिक रोल्स जो उनके साथ-साथ हमेशा अमर रहेंगे.
Bollywood Actor Nana Patekar 11 Iconic Roles: नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में निधन हो गया. फिल्म इंडस्ट्री में जो मुकाम हासिल किया वो सबके बस की बात नहीं होती है. एक्टर ने इंडस्ट्री में एक हीरो बनने के सभी मापदंडों को पार कर अपनी प्रतिभा के बलबूते जगह बनाई और अपने एक-एक रोल के जरिए लोगों के दिलों तक घर कर गए. थिएटर एक्टर और शुरुआती समय में पैरेलल सिनेमा का हिस्सा होने के बाद भी एक चरित्र कलाकार के किरदार के लिए 1 करोड़ रुपये की डिमांड की जो उस दौर में लीड एक्टर भी मांगने से हिचकिचाते थे. अपने किरदारों को इतने नेचुरल ढंग से निभाया कि अभिनय जैसा कभी कुछ लगा ही नहीं. इस कला को महीनता से अपने अंदर ना सिर्फ उतारा बल्कि इसमें महारथ हासिल की.
जब विलेन बने तो इतने खतरनाक कि हाअट से भी डर लगे, जब संवेदनशील हुए तो इतने ज्यादा कि कुछ कलाकार पागल से लगते हैं. जब हीरो बने तो एकदम यूनिक औरों से हटकर. जब सैनिक बने तो मन का वो समर्पण दिखा जो एक सच्चे सैनिक में दिखाई देता है. कॉमेडी की तो ऐसी की सभी दंग रह गए. उनके नाचने में एक अदा थी, एक्शन में एक अंदाज था, एक अलग डायलॉग डिलीविरी थी, सिचुएशन और कंडीशन के हिसाब से स्वाभाविक एक्सप्रेशन और इन्हीं सबके साथ एक नेचुरल करिज्मा जिसने उन्हें सिनेमा पर और रंगमंच पर एक अव्वल दर्जे का परफॉर्मर बना दिया. एक्टर तो अब इस दुनिया में नहीं रहे.
लेकिन उनके द्वारा निभाए गए किरदार हमेशा सिनेमा जगत में एक गरज की तरह कभी चेताएंगे तो किसी रहमत की तरह कभी बरस पड़ेंगे. वैसे तो एक खबर में उनके अभिनय के विशाल दर्पण को दिखाया नहीं जा सकता है लेकिन 11 फिल्मों के जरिए उनकी विविधता के स्तर को दर्शाने की कोशिश करते हैं.
प्रतिघात फिल्म में उन्होंने एक्स कॉन्स्टेबल करमवीर का रोल प्ले किया था. काली के आतंक के खिलाफ उसने लड़ाई लड़ी और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई. अपने जीवन की परवार किए बिना उसने अपने कर्तव्य को हमेशा आगे रखा. एक पागल किरदार में वो जुनून और सच्चाई के प्रति वो रवैया फिल्म देखने के बाद भी कहीं ना कहीं आपके जेहन में जाकर अटक जाएगा. इस फिल्म से पहली दफा नाना पाटेकर ने अपनी वर्सेटाइल एक्टिंग का नमूना दिखाया था.
सलाम बॉम्बे फिल्म को ऑस्कर के लिए चुना गया था. फिल्म में चकलों में काम करने वाली महिलाओं के जीवन शोषण और मजबूरी को दिखाया गया था. फिल्म में नाना पाटेकर ने ऐसी ही एक महिला के पति का किरदार निभाया था जिसका नाम बाबा रहता है. आंखों में सूरमा नियत में खोट, ना कोई मोह-माया ना शराफत. ग्रे शेड में उनका ये पहला हाइलाइटेड रोल था जिसे खूब सराहना मिली थी.

तिरंगा मूवी का पोस्टर
तिरंगा फिल्म में उन्हें राज कुमार के साथ अभिनय का मौका मिला था और उन्होंने हर मानये में राज कुमार को बराबर की टक्कर दी थी. इस फिल्म में उनका कॉन्फिडेंस दुनियावालों ने देख लिया था जो आगे चल कर भी उनके किरदारों में बेखूबी नजर आया. तिरंगा में वे शिवाजी वाघले नाम के पुलिस इंस्पेक्टर के रोल में नजर आए थे.
क्रांतिवीर फिल्म को उनके करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस माना जाता है. फिल्म में उन्हें कोई पुलिस, वकील राजनेता या फिर शिक्षक का रोल नहीं मिला था. लेकिन प्रताप नारायण तिलक नाम के एक आम आदमी के रोल में ही उन्होंने बता दिया था कि सच्चाई को लेकर मन में ललक और सनक अगर आम इंसान में है और वो उसे जिंदा रखने का सामर्थ्य रखता है तो एक आम आदमी अकेले ही सिस्टम के खोखलेपन का पर्दाफाश कर सकता है और समाज की कुरीतियों के जख्म के लिए किसी मरहम से कम नहीं होता.
परिंदा फिल्म में नाना पाटेकर ने अपनी ऐसी नेगेटिव छवि दिखाई थी कि लोग एकदम दंग रह गए थे. फिल्म के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स भी मिले थे. फिल्म में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अनुपम खेर और सुरेश ओबेरॉय जैसे एक्टर्स के होने के बाद भी जो रोल नाना पाटेकर ने प्ले किया था वो सबपर हावी हो गया था वे फिल्म में अन्ना शेठ के रोल में नजर आए थे.
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यशवंत फिल्म में फिर से एक ईमानदार पुलिस अफसर के रोल में नाना पाटेकर ने जान फूंक दी थी. उन्होंने एक पुलिसवाले के रोल को इस जीवंतता से निभाया था कि ये उनके किरदार के सबसे शानदार रोल्स में से एक बन गया. ये रोल बहुत पावरफुल लिखा भी गया था और नाना ने हूबहू उसे वैसे ही स्क्रीन पर उतार दिया. फिल्म में वे इंस्पेक्टर यशवंत लोहार नाम के पुलिस अफसर के रोल में नजर आए थे. इसी फिल्म से उनका डायलॉग साला एक मच्छार आदमी को हिजड़ा बना देता है बहुत वायरल हुआ था. ये 4 मिनट की एक कविता थी जिसे समीर ने लिखा था और नाना पाटेकर ने फिल्म में इसे म्यूजिक के साथ रिसाइट किया था.

शक्ति फिल्म का पोस्टर
शक्ति फिल्म में नाना पाटेकर ग्रे शेड के रोल्स की लेयर को और खुरेदते गए. कैसे एक शख्स बीहड़ रीति-रिवाज में ढला हुआ है और उसे परिवार से भी कोई खास मतलब नहीं है. हाथ में बंदूक साथ में 20-30 आदमी और गांव पर राज करने वाला नरसिम्हा वैसे तो किसी से नहीं डरता लेकिन अंत में रिश्तों की महीन डोर का एहसास उस पत्थरदिल को भी होता है और वो अपने बेटे की जिंदगी में राह का रोड़ा नहीं बनता है.
अब तक छप्पन फिल्म में नाना पाटेकर ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक से इंस्पायर किरदार प्ले किया था. फिल्म में वे साधु अगासे का रोल करते नजर आए थे. नाना पाटेकर ने इस रोल में जान फूंक दी थी और उनके इस किरदार की काफी सराहना हुई थी. कुछ साल बाद इस फिल्म का दूसरा पार्ट भी रिलीज किया गया था.
वेलकम फिल्म में नाना पाटेकर ने अपने करियर का सबसे कॉमिक रोल प्ले किया था. ग्रे शेड और कॉमेडी के मिक्चर को उन्होंने फिल्म में कुछ इस तरह से पिरोया कि सभी उनके मुरीद हो गए. उदय शेट्टी के रोल में उनकी एक्टिंग यादगार बन गई. फिल्म में अनिल कपूर, परेश रावल, फिरोज खान, अक्षय कुमार समेत बड़े-बड़े एक्टर्स के होने के बाद ही इंतजार सबको उदय शेट्टी के सीन का ही रहता था.

26/11 फिल्म का सीन
द अटैक ऑफ 26/11 में एक बार फिर से वे पुलिस इंस्पेक्टर के रोल में नजर आए थे. राकेश मारिया के रोल में उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई करते एक ऐसे अफसर का किरदार प्ले किया था जो आतंकवादियों को जिहाद के सही मायने बताता है और देश में हुए 26/11 के दर्दनाक हादसे से बेहद आहट है और पूरी तरह से टूट चुका है. सभी को वो एक लाइन से गोलियों से भून देना चाहता है लेकिन उसे देश के कानून का सम्मान भी करना है. इस भाव को चेहरे में लाकर पूरी फिल्म तक उस मोमेंटम को बनाए रखना वाकई में एक बड़ी बात थी.
द वैक्सीन वॉर फिल्म के जरिए नाना पाटेकर ने फैंस को काफी इंप्रेस किया था. कोरोना की महामारी के दौर में वैक्सीन बनाने वाली एक कंपनी का हेड होने के नाते उन्हें सख्त भी रहना था और इस खतरनाक वायरस से खुद को और अपनी टीम को बचाना भी था. इस रोल में नाना पाटेकर ने प्रोफेसर बलराम भारगव का रोल प्ले किया था जिन्होंने देश को एक पैनडैमिक के दौर में वैक्सीन की सौगात ही नहीं दी बल्कि दुनियाभर में ना जाने कितनी जानें बचाईं.




