Hustle 5 Winner Exclusive: हसल 5 विनर ‘धड़कन’ 1 करोड़ रुपये का क्या करेंगे? खुद बताया
Hustle 5 Winner: 'हसल 5' विनर धड़कन ने बताया कि उनके पिता भी कविताएं लिखते थे. बचपन में पिता को देखकर शुरू हुआ कविता का शौक कैसे 1 करोड़ की जीत में बदला, पढ़िए खास बातचीत.
Hustle 5 Winner: देश के सबसे बड़े हिप-हॉप रियलिटी शो ‘हसल 5-अपना होमग्राउंड’ को अपना नया विनर मिल चुका है. रैप सुप्रीमो बादशाह और स्क्वॉड बॉस पैराडॉक्स की टीम से उभरे हरियाणा के सोनीपत के 20 साल के दक्ष पेंढारकर उर्फ ‘धड़कन’ ने ट्रॉफी के साथ 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम प्राइज मनी अपने नाम कर ली है. खिताब जीतने के तुरंत बाद धड़कन ने टीवी9 हिंदी डिजिटल के साथ की खास बातचीत में अपने सफर, स्ट्रगल, 1 करोड़ की जीत और फ्यूचर प्लान्स पर खुलकर बात की.
सवाल: जब विनर के रूप में आपके नाम का ऐलान हुआ, तो वो पल कैसा था? दिमाग में क्या चल रहा था?
धड़कन: सच कहूं तो जिस वक्त मैं पहले एपिसोड में स्टेज पर चढ़ा था, मैंने यही सोचा था कि मुझे जीतना है. लेकिन जैसे-जैसे एपिसोड्स आगे बढ़े, दिमाग में बस यही था कि हर हफ्ते अपना बेस्ट देना है. जब आखिरकार मुझे विनर का खिताब दिया गया, तो उस वक्त मैं पूरी तरह सुन्न पड़ गया था. बहुत खुशी थी, इमोशंस थे, मिक्स्ड फीलिंग्स थीं. बहुत अच्छा लगा कि जो सपना देखा था, वो आखिरकार सच हो गया.
सवाल: 1 करोड़ रुपये की ये ऐतिहासिक प्राइज मनी और ट्रॉफी अब आपके हाथ में है. इस बड़ी धनराशि और मौकों को लेकर आपका क्या प्लान है?
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धड़कन: 1 करोड़ रुपये की ये जीत मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. जैसा कि बादशाह भाई और पैरा भाई ने भी कहा, ये प्राइज मनी और यहां से मिलने वाले मौके मेरे लिए एक मजबूत फाउंडेशन साबित हो सकते हैं. मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं, इसलिए इस प्राइज मनी का इस्तेमाल अपने आगे के म्यूजिकल करियर को खड़ा करने, खुद का म्यूजिक प्रोड्यूस करने और अपने परिवार को सपोर्ट करने में करूंगा. असली सफर तो अब शुरू हुआ है, जहां मुझे अपनी कला को और बड़े लेवल पर लेकर जाना है.
सवाल: रैपिंग को ही क्यों चुना और कब से यह सपना देख रहे थे?
धड़कन: मुझे बचपन से कविताएं (पोयम्स) लिखने का शौक था. मेरे पिता जी भी कविताएं लिखते हैं और मेरी बहन भी कविता वाचन में भाग लेती थीं. स्कूल कॉयर में गाता था और इंडियन हिप-हॉप को सुनता था. मैंने 12 साल की उम्र से लिखना शुरू कर दिया था और अब मैं 20 साल का हूं. जब 16 साल का था, तब भी हसल सीजन 3 के लिए ऑडिशन भेज दिया था, जबकि मुझे ये भी नहीं पता था कि 18 साल की एज लिमिट होती है!
सवाल: स्क्वॉड बॉस पैराडॉक्स के साथ बॉन्डिंग कैसी रही? उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा था?
धड़कन: पैरा भाई मेरे लिए कभी स्क्वॉड बॉस रहे ही नहीं, वो एक बड़े भाई की तरह थे. वो मेरी जर्नी में इतने इन्वॉल्व थे कि अगर हम गाना भेजना भूल भी जाते, तो वो खुद फोन करके पूछते कि ‘इस थीम पर क्या लिख रहे हो? आगे की क्या प्लानिंग है?’ उन्होंने मुझे एक रैपर से पूरा म्यूजिशियन और कमर्शियल आर्टिस्ट बनाया कि गानों पर लोगों को नचाया कैसे जाता है.
सवाल: नाम ‘दक्ष’ से ‘धड़कन’ कैसे पड़ा? इसके पीछे क्या कोई खास कहानी है?
धड़कन: (हंसते हुए) लोगों को लगता है कि बहुत सोच-समझकर रखा है, लेकिन ये बस दिमाग का एक क्लिक था. जब मैं 15 साल का था, तो सोचा कि दक्ष नाम से रैप नहीं कर सकता. अचानक ‘धड़कन’ नाम स्ट्राइक हुआ, इंटरनेट पर रिसर्च की तो इस नाम से कोई रैपर नहीं था. मेरा पूरा नाम दक्ष पेंढारकर है, तो पहले मैंने ‘डीपी धड़कन’ रखा और फिर सिर्फ ‘धड़कन’ कर दिया. आज लोग मुझे दक्ष से ज्यादा धड़कन नाम से जानते हैं!
सवाल: जब जीत के बाद परिवार का क्या रिएक्शन था?
धड़कन: शूट खत्म होने के बाद जब घर पर वीडियो कॉल किया, तो वो भी मेरी तरह दो मिनट के लिए बिल्कुल सुन्न पड़ गए थे! बहुत खुश थे और भावुक भी, क्योंकि मेरे स्ट्रगल को सबसे करीब से मेरे परिवार ने ही देखा है. मिडिल क्लास फैमिली होने के नाते उन्होंने हमेशा कहा कि पढ़ाई के साथ पैशन की तरह करो. आज उनकी उम्मीदों पर खरा उतरकर मुझे सबसे ज्यादा सुकून मिला है.
सवाल: सोनीपत और महाराष्ट्र दोनों जगह से आपको भारी प्यार मिल रहा है, आगे क्या तैयारी है?
धड़कन: मुझे पता चला है कि सोनीपत में अब हिप-हॉप साइफर्स शुरू हो गए हैं, जो मेरा सबसे बड़ा मकसद था कि अपने शहर में हिप-हॉप कल्चर को आगे बढ़ाऊं. वहीं मेरे सरनेम पेंढारकर और एक गाने में दिए मराठी स्विच के बाद महाराष्ट्र से भी बहुत प्यार आ रहा है. लोग पूरे मराठी गाने की मांग कर रहे हैं, तो जल्द ही एक फुल मराठी ट्रैक पर भी काम करूंगा!




