शिवाजी साटम, वर्षा उसगांवकर से तुकाराम मुंढे तक…नाना पाटेकर के लिए रखी गई खास ‘आदरांजली सभा’ में कौन कौन पहुंचा?
नाना पाटेकर के लिए मुंबई स्थित प्रभादेवी में 'आठवणीतले नाना' आदरांजली सभा और फिल्म स्क्रीनिंग हुई. शिवाजी साटम, वर्षा उसगांवकर और तुकाराम मुंढे समेत कई दिग्गज पहुंचे.
भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर दिवंगत नाना पाटेकर के निधन के बाद 14 अक्टूबर की शाम मुंबई के प्रभादेवी स्थित पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी (रविंद्र नाट्य मंदिर परिसर) में कई जानी-मानी हस्तियों का जमावड़ा देखा गया. टेलीविजन, सिनेमा और प्रशासनिक गलियारों के कई बड़े चेहरे एक साथ वहां पहुंचे. वहां रंगमंच और कला जगत द्वारा आयोजित एक विशेष ‘आदरांजली पर कार्यक्रम व फिल्म प्रदर्शन’ रखा गया था.
14 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे पु. ल. देशपांडे कला अकादमी के तीसरे माले पर स्थित लघुनाट्यगृह में आयोजित हुआ यह कार्यक्रम ‘आठवणीतले नाना’ (यादों में नाना) शीर्षक से आयोजित एक सांस्कृतिक श्रद्धांजलि सभा थी. इसका मुख्य उद्देश्य नाना पाटेकर के सिनेमाई योगदान, नाटकों और उनकी कला यात्रा को याद करना था. दादासाहेब फाल्के रसास्वाद मंडल और अकादमी से जुड़े सभासदों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में आदरांजली सभा के तुरंत बाद नाना पाटेकर की एक चर्चित फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग भी रखी गई, ताकि उपस्थित लोग उनके अभिनय को एक बार फिर बड़े पर्दे पर महसूस कर सकें.
शिवाजी साटम से लेकर तुकाराम मुंढे तक… कौन-कौन पहुंचा?
इस मेमोरियल स्क्रीनिंग और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कला, सिनेमा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई हस्तियों ने शिरकत की,
शिवाजी साटम : नाना पाटेकर के पुराने और बेहद करीबी मित्र और सीआईडी फेम शिवाजी साटम जब ऑडिटोरियम पहुंचे, तो वे बेहद भावुक नजर आए. दोनों ने थिएटर के दिनों से लेकर कई फिल्मों में साथ काम किया था.
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वर्षा उसगांवकर: मराठी और हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ एक्ट्रेस वर्षा उसगांवकर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं और नाना के साथ बिताए पलों को याद कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं.
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आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे: कड़क और ईमानदार छवि वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. नाना पाटेकर के नाम फाउंडेशन और सामाजिक सरोकारों के चलते तुकाराम मुंढे के साथ उनका गहरा रिश्ता था.
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इसके अलावा अनंत महादेवन, अली खान के साथ सांस्कृतिक कार्य विभाग से जुड़े पदाधिकारी, स्थानीय रंगकर्मी और बड़ी संख्या में फिल्मप्रेमी नाना की यादों को नमन करने लघु नाट्यगृह में उपस्थित रहे. कला अकादमी के मंच से वक्ताओं ने नाना पाटेकर के अभिनय, उनके बेबाक अंदाज और किसानों के लिए किए गए उनके जनहितैषी कार्यों को याद किया. ये सभा किसी औपचारिक शोक से ज्यादा एक महान कलाकार की विरासत को सिनेमाई ढंग से सलाम करने का मंच बनी.




