Fact Check: क्या सुशांत की मौत की जानकारी बाहर आने से पहले ही पटना पहुंचे थे नाना पाटेकर? तनुश्री दत्ता के दावे का सच

Fact Check: क्या सुशांत की मौत की जानकारी बाहर आने से पहले ही पटना पहुंचे थे नाना पाटेकर? तनुश्री दत्ता के दावे का सच

Fact Check: एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सुबह नाना पाटेकर के पटना पहुंचने को लेकर तनुश्री दत्ता ने बड़ा दावा किया है. हालांकि, उनकी दावे में कोई भी सच्चाई नहीं है.

Fact Check: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद जहां एक तरफ सिनेमा जगत में शोक की लहर है, तो वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक इंटरव्यू में दिवंगत एक्ट्रेस सुशांत सिंह राजपूत की मौत और नाना पाटेकर को जोड़ते हुए एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है. तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के सुशांत के पटना स्थित घर जाने के समय और तारीख को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. आइए, तत्कालीन मीडिया कवरेज, ग्राउंड रिपोर्ट्स और आधिकारिक आर्काइव रिकॉर्ड्स के आधार पर जानते हैं कि तनुश्री दत्ता के इस दावे में कितनी सच्चाई है.

तनुश्री दत्ता ने अपने हालिया इंटरव्यू में नाना पाटेकर पर निशाना साधते हुए कहा, “जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई थी, उस दिन उसका कमरा सुबह 9:30 बजे खुला था और परिवार को करीब 10 बजे तक खबर मिली थी. लेकिन नाना पाटेकर उसी सुबह 10 बजे सुशांत के पटना वाले घर पहुंच गए थे. वे इतनी जल्दी मुंबई से पटना कैसे पहुंच गए? उन्हें पहले से कैसे पता था कि क्या होने वाला है?” तनुश्री दत्ता ने इस टाइमलाइन को आधार बनाकर नाना पाटेकर की नीयत पर सवाल उठाए.

फैक्ट चेक: क्या है हकीकत

तनुश्री दत्ता के इस दावे की जब मीडिया आर्काइव्स और उस दौर की ग्राउंड रिपोर्टिंग से पड़ताल की गई, तो ये दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ. सुशांत सिंह राजपूत का निधन 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट पर हुआ था. उस वक्त देश में कोविड-19 महामारी के चलते सख्त लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंध को लेकर नियम लागू थे.

सुशांत के निधन की खबर मिलते ही उनके पिता के.के. सिंह और परिवार के अन्य सदस्य अंतिम विदाई देने के लिए पटना से मुंबई आ चुके थे. 15 जून 2020 को मुंबई के विले पार्ले स्थित श्मशान घाट पर सुशांत का अंतिम संस्कार किया गया था. ऐसे में 14 जून की सुबह पटना वाले घर पर किसी के मिलने पहुंचने का कोई औचित्य ही नहीं था, क्योंकि परिवार खुद मुंबई की ओर चल पड़ा था.

नाना पाटेकर कब पहुंचे थे पटना?

आधिकारिक मीडिया रिकॉर्ड्स और तत्कालीन ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर सुशांत के निधन के दिन नहीं, बल्कि पूरे 14 दिन बाद यानी 28 जून 2020 (रविवार) को पटना पहुंचे थे.

नाना पाटेकर पटना क्यों गए थे?

नाना पाटेकर मूल रूप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक वेलफेयर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बिहार के मोकामा पहुंचे थे. सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात और कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, वो 28 जून की दोपहर पटना के राजीव नगर स्थित सुशांत सिंह राजपूत के घर गए थें. वहां उन्होंने सुशांत के पिता के.के. सिंह से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया था और सुशांत की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी थी. जब मीडिया ने उनसे वहां सवाल किए थे, तो उन्होंने हाथ जोड़कर केवल इतना कहा था कि वो सिर्फ एक पिता का दुख बांटने आए हैं.

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ये बिल्कुल साफ हो जाता है कि तनुश्री दत्ता का दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत है. नाना पाटेकर 14 जून 2020 को सुशांत के निधन के दिन या सुबह 10 बजे पटना नहीं पहुंचे थे, बल्कि घटना के 14 दिन बाद यानी 28 जून 2020 को एक पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के सिलसिले में बिहार गए थे और तब उन्होंने सुशांत के परिवार से मुलाकात की थी

सोनाली नाईक
सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

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